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काबुल पर पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक के बाद टीटीपी का खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती हमला

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के भारत दौरे ने पाकिस्तान की बेचैनी को बढ़ा दी। उसकी तालिबान से जंग छिड़ती नजर आ रही है। पाकिस्तान ने काबुल पर एयर स्ट्राइक कर दी। इसके बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा पर बड़ा आत्मघाती हमला कर दिया। 

तालिबान ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खान जिले में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पर हमला किया है

तालिबान ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खान जिले में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पर हमला किया है। तालिबान ने भी 24 घंटे के भीतर काबुल पर हुए हवाई हमले का बदला ले लिया। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार टीटीपी ने खैबर पख्तूनख्वा पर आत्मघाती हमला किया, जिसमें कम से कम 50 पुलिसकर्मियों के मारे जाने की आशंका है। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से अब तक केवल 7 की मौत की पुष्टि की गई है ।

पाकिस्तानी अधिकारी के अनुसार इस हमले में 7 जवान मारे गए और 13 घायल हुए हैं

पाकिस्तानी अधिकारी के अनुसार इस हमले में 7 जवान मारे गए और 13 घायल हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आत्मघाती हमले के बाद भारी हथियारों के साथ घुसपैठ की कोशिश भी की गई, लेकिन पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों को मार गिराया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने हरीक-ए-तालिबान को चेतावनी जारी की है।

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार विदेश मंत्री ने टीटीपी के खिलाफ टारगेट ऑपरेशन चलाने की बात कही

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार विदेश मंत्री ने टीटीपी के खिलाफ टारगेट ऑपरेशन चलाने की बात कही। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के सुरक्षा बल और कानून प्रवर्तन एजेंसियां सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों को आतंकवादी खतरों, विशेष रूप से फितना-अल-ख्वारिज और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) जैसे समूहों द्वारा उत्पन्न खतरों से बचाने के लिए सटीक रूप से लक्षित अभियान चला रही हैं। ये आतंकवाद-रोधी कार्रवाइयां खुफिया जानकारी पर आधारित हैं।”

विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान को चेताया कि उसकी जमीन से पाकिस्तान विरोधी आतंकी गतिविधियां न हों

विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि पाकिस्तान को निशाना बनाकर की जाने वाली आतंकवादी गतिविधियों के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल लॉन्च पैड के रूप में न करें। टीटीपी जैसे समूह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए एक साझा खतरा हैं। उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने और उनके प्रभाव को कम करने के लिए एकीकृत प्रयासों की जरूरत है।(इनपुट-आईएएनएस)

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