वैश्विक तेल बाजार में हलचल, वेनेजुएला घटनाक्रम से ओएनजीसी को फायदा संभव

वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के संकेतों के बीच भारत की सरकारी तेल कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) को बड़ा वित्तीय फायदा होने की संभावना जताई जा रही है। एक ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, ओएनजीसी को वेनेजुएला में अटके करीब 500 मिलियन डॉलर के बकाया डिविडेंड की प्राप्ति हो सकती है।

वेनेजुएला की बदलती राजनीतिक और आर्थिक स्थिति के चलते वेनेजुएला ऑयल प्रोजेक्ट में फंसा ओएनजीसी का बकाया डिविडेंड जारी हो सकता है

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद वेनेजुएला की बदलती राजनीतिक और आर्थिक स्थिति के चलते वेनेजुएला ऑयल प्रोजेक्ट में फंसा ओएनजीसी का यह बकाया डिविडेंड जारी हो सकता है। जानकारों का मानना है कि यदि वेनेजुएला की तेल इंडस्ट्री पर अमेरिकी प्रभाव बढ़ता है और कच्चे तेल के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील मिलती है, तो भुगतान का रास्ता साफ हो सकता है।

फिलहाल वेनेजुएला के तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध जारी

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि फिलहाल वेनेजुएला के तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि किसी तरह की छूट दी जाती है, तो इससे वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव आ सकता है।

ओएनजीसी को सैन क्रिस्टोबल परियोजना से वर्ष 2014 तक की अवधि के लिए करीब 500 मिलियन डॉलर का बकाया डिविडेंड मिल सकता है

रिपोर्ट के मुताबिक, यदि हालात में सुधार होता है तो ओएनजीसी को सैन क्रिस्टोबल परियोजना से वर्ष 2014 तक की अवधि के लिए करीब 500 मिलियन डॉलर का बकाया डिविडेंड मिल सकता है। वर्ष 2014 के बाद इस क्षेत्र में उत्पादन बंद हो गया था, जिसके चलते बाद के वर्षों में कोई डिविडेंड प्राप्त नहीं हुआ।

ओएनजीसी सैन क्रिस्टोबल परियोजना में 40% हिस्सेदारी रखती है

ओएनजीसी की विदेशी इकाई ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) के माध्यम से कंपनी की वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में मौजूदगी है। ओएनजीसी सैन क्रिस्टोबल परियोजना में 40% हिस्सेदारी रखती है। इसके अलावा, ओवीएल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और ऑयल इंडिया के साथ मिलकर काराबोबो-1 तेल क्षेत्र में 11% हिस्सेदारी भी रखती है।

अल्पकाल में दिख सकते हैं कुछ सकारात्मक संकेत 

ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने आगाह किया है कि अल्पकाल में कुछ सकारात्मक संकेत दिख सकते हैं, लेकिन वेनेजुएला में तेल उत्पादन का संभावित पुनरुत्थान ओएनजीसी के लिए मध्यम अवधि में जोखिम भी बन सकता है। देश से उत्पादन बढ़ने पर वैश्विक आपूर्ति में इजाफा होगा, जिससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है और अपस्ट्रीम तेल कंपनियों की आय प्रभावित हो सकती है।

वेनेजुएला फिलहाल प्रतिदिन करीब 8 लाख से 11 लाख बैरल तेल का उत्पादन करता है

वहीं, कमोडिटी विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका-वेनेजुएला तनाव ने तेल की कीमतों में भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम जोड़ दिया है, भले ही वैश्विक आपूर्ति पर इसका तात्कालिक असर सीमित हो। चॉइस ब्रोकिंग के कमोडिटी और करेंसी विश्लेषक आमिर मकदा के अनुसार, वेनेजुएला फिलहाल प्रतिदिन करीब 8 लाख से 11 लाख बैरल तेल का उत्पादन करता है, जो वैश्विक आपूर्ति का लगभग 1% है।

वैश्विक तेल आपूर्ति पर तात्कालिक प्रभाव सीमित

उन्होंने कहा, “हालांकि वैश्विक तेल आपूर्ति पर तात्कालिक प्रभाव सीमित है, लेकिन वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर नियंत्रण में बदलाव से कच्चे तेल की कीमतों और दीर्घकालिक आपूर्ति अनुमानों पर गंभीर असर पड़ सकता है।” (इनपुट-आईएएनएस)

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