यूपी में संकटग्रस्त वन्यजीवों के संरक्षण के लिए दुधवा राष्ट्रीय उद्यान में बनेंगे दो नए रिहैबिलिटेशन सेंटर

उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गैंडों और अन्य संकटग्रस्त वन्यजीव प्रजातियों के प्राकृतिक आवास को संरक्षित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, लखीमपुर में दो नए राइनो रिहैबिलिटेशन सेंटर (RRC-3 और RRC-4) स्थापित किए जाएंगे। इन दोनों केंद्रों के विकास के लिए कुल 1.5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस परियोजना का उद्देश्य गैंडों के साथ-साथ अन्य संकटग्रस्त प्रजातियों के लिए भी सुरक्षित और प्राकृतिक आवास उपलब्ध कराना है, जिससे वे प्राकृतिक परिवेश में स्वाभाविक रूप से जीवन जी सकें।

वन और वन्यजीव विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह परियोजना विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में लागू की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य दुधवा क्षेत्र की जैव विविधता को संरक्षित करना और दीर्घकालिक उपायों के माध्यम से प्राकृतिक आवासों की रक्षा करना है। डिप्टी डायरेक्टर रंगराजू ने बताया कि पहले से मौजूद RRC-1 और RRC-2 की तर्ज पर बनाए जा रहे नए सेंटरों में गैंडों को खुला वन क्षेत्र और विशेष निगरानी प्रदान की जाएगी, ताकि उनकी स्वाभाविक प्रवृत्तियां बनी रहें और वे स्वस्थ ढंग से विकसित हो सकें। इन केंद्रों से अन्य संकटग्रस्त वन्यजीवों के संरक्षण को भी बल मिलेगा।

स्वीकृत 1.5 करोड़ रुपये की राशि में से 1.27 करोड़ रुपये गैंडों के प्राकृतिक आवास के रखरखाव पर खर्च किए जाएंगे, जिसमें जलस्रोत, वनस्पति और क्षेत्र की देखभाल शामिल है। इसके अलावा, 7 लाख रुपये वन्यजीवों के लिए आवश्यक दवाओं और रसायनों की खरीद पर खर्च होंगे। 4.8 लाख रुपये बड़े निर्माण कार्यों के लिए और 3 लाख रुपये छोटे बुनियादी ढांचे के विकास पर लगाए जाएंगे। साथ ही, निगरानी उपकरणों, मशीनों और अन्य आवश्यक इंस्टॉलेशन के लिए 7 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।

इस योजना के अंतर्गत अवैध शिकार को रोकने और गैंडों के अंगों के अवैध व्यापार को नियंत्रित करने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही, स्थानीय समुदायों को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने और उन्हें जागरूक बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश में न केवल गैंडों की संख्या बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि दुधवा क्षेत्र की जैव विविधता को भी स्थायी रूप से समृद्ध बनाएगी। -(Input With ANI)