सूडान में भुखमरी का सामना कर रहे लोगों के बीच 10 माह बाद पहुंची संयुक्त राष्ट्र की राहत सामग्री

सूडान के दक्षिण कोर्डोफन राज्य के डिलिंग क्षेत्र में अकाल जैसी स्थिति है। भुखमरी जैसी स्थिति का सामना कर रहे डिलिंग क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र ने लगभग 10 माह बाद सहायता सामग्री पहुंचाई है। संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष का काफिला डिलिंग क्षेत्र के बाद कोर्डोफन राज्य की राजधानी कडुगली में सहायता सामग्री पहुंचाएगा।

ओसीएचए ने कहा, सहायता सामग्री से क्षेत्र के डिलिंग और कडुगली के 1,20,000 से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को फायदा होगा। दोनों जगहों पर मानवीय जरूरतें भयावह स्तर पर पहुंच गई हैं। डिलिंग और कडुगली पिछले कई महीने से हिंसा ग्रस्त हैं। मानवीय सहायता कार्यालय ने बताया कि उत्तरी दारफुर राज्य में हिंसा बढ़ती जा रही है।

वहीं, अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन का अनुमान है कि असुरक्षा के कारण मंगलवार और बुधवार को लगभग 1,000 लोगों को राज्य की राजधानी अल फशर के बाहरी इलाके में स्थित अकालग्रस्त अबू शौक विस्थापन शिविर से भागना पड़ा।

ओसीएचए ने कहा कि अबू शौक में हाल के दिनों में महिलाओं और छोटे बच्चों के अपहरण की खबरें आई हैं। अल फशर में अस्पताल पर तोपखाने की गोलाबारी भी शामिल है। मानवीय सहायता कार्यालय ने उत्तरी दारफुर के मेलिट में बिगड़ते पोषण संकट पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

रिलीफ इंटरनेशनल ने हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण में पाया कि तीन में से एक बच्चा गंभीर रूप से कुपोषित है, जिससे पांच साल से कम उम्र के हजारों बच्चों को गंभीर बीमारी और मृत्यु का खतरा मंडरा रहा है।

दरअसल, मेलिट वही इलाका है, जहां पिछले हफ्ते आपूर्ति उतारने की कोशिश में विश्व खाद्य कार्यक्रम के सहायता काफिले पर हमला हुआ था।

ओसीएचए के मुताबिक, “संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी लोगों को जीवन रक्षक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। असुरक्षा, रसद संबंधी चुनौतियां और भारी मात्रा में धन की कमी प्रयासों में बाधा बन रही है।”

सूडान के दो सबसे शक्तिशाली सैन्य ताकतों सेना और आरएसएफ के बीच 2023 से खार्तूम में भीषण संघर्ष चल रहा है। आरएसएफ ने अल फशर को घेर लिया है और लगातार गोलीबारी कर रही है। इस वजह से वहां गंभीर मानवीय संकट का सामना किया जा रहा है। इस वजह से नागरिकों का बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ है। वहां रह रहे लोग भुखमरी के शिकार हो रहे हैं। (इनपुट-आईएएनएस)

 

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