केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को ‘न्यू एज फाइबर्स-इनोवेशन, रिसर्च एंड द रोड अहेड’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में टेक्सटाइल मंत्रालय न्यू एज फाइबर को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का टेक्सटाइल उद्योग नई तकनीकों को अपनाकर और प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर तेजी से वास्तविक विकास की ओर बढ़ रहा है।
न्यू एज फाइबर पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन
गिरिराज सिंह ने संगोष्ठी के तहत आयोजित प्रदर्शनी में विभिन्न संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योगों द्वारा विकसित न्यू एज फाइबर आधारित नवाचारों और तकनीकी समाधानों का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह संगोष्ठी भारत के टेक्सटाइल इकोसिस्टम को मजबूत करने और भविष्य के टिकाऊ समाधानों पर चर्चा के लिए प्रमुख हितधारकों को एक मंच पर ला रही है।
सस्टेनेबल फाइबर की वैश्विक मांग पर जोर
मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में पद संभालने के बाद सोलर एनर्जी पर जोर दिया था और आज भारत उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब टेक्सटाइल मंत्रालय न्यू एज फाइबर को बढ़ावा देने पर काम कर रहा है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर सस्टेनेबल फाइबर की मांग लगातार बढ़ रही है।
10 प्रमुख फाइबर पर काम
गिरिराज सिंह ने बताया कि मंत्रालय ने 10 प्रमुख फाइबर चुने हैं, जिनमें मिल्कवीड, रेमी, फ्लैक्स, सिसल, नैचुरल बैंबू फाइबर, मैकेनिकल पाइनएपल और बनाना फाइबर शामिल हैं। इसके अलावा रिसाइकिल्ड कॉटन और रिसाइकिल्ड पीईटी बोतलों को भी इसमें शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में टेक्सटाइल विभाग ने एक कॉन्सेप्ट नोट लॉन्च किया है, जिसके तहत उद्योग, शोधकर्ता और स्टार्टअप्स को साथ लेकर काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में न्यू एज फाइबर का उत्पादन एक लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाना है।
किसानों की आय बढ़ाने और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ पर फोकस
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल विभाग के सभी प्रयास किसानों को केंद्र में रखकर किए जा रहे हैं। किसानों की आय दोगुनी करना प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की नीति पर काम कर रही है और बनाना वेस्ट तथा पाइनएपल वेस्ट को फाइबर में बदला जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार होंगे नए फाइबर
गिरिराज सिंह ने कहा कि मिल्कवीड जैसे फाइबर टेक्सटाइल उद्योग में क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं। यह फाइबर पर्यावरण के अनुकूल, हल्का, मजबूत और पूरी तरह सस्टेनेबल है। उन्होंने कहा कि मिल्कवीड, बैम्बू, फ्लैक्स, रेमी और बनाना जैसे फाइबर न केवल किसानों की आय बढ़ाएंगे, बल्कि कम कार्बन फुटप्रिंट के जरिए पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। (इनपुट: आईएएनएस)


