उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट भाषण में कहा कि योगी सरकार प्रदेश को हरित और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। अतिरिक्त ऊर्जा स्रोतों के विकास के लिए लगभग 2,104 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो वर्ष 2025-26 की तुलना में दोगुने से अधिक है।
22,000 मेगावॉट उत्पादन का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2022, राज्य जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के तहत अगले पांच वर्षों में 22,000 मेगावॉट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम कर प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।
2,815 मेगावॉट सौर क्षमता स्थापित
प्रदेश में अब तक 2,815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। यह उपलब्धि दर्शाती है कि सरकार नीति निर्माण के साथ-साथ क्रियान्वयन पर भी जोर दे रही है।
पीएम कुसुम सूर्यघर योजना को बढ़ावा
पीएम कुसुम सूर्यघर योजना के लिए बजट में 1,500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।
17 नगर निगम बनेंगे सोलर सिटी
अयोध्या और मथुरा समेत 17 नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 5.20 लाख सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे ऊर्जा बचत के साथ सुरक्षा और सुविधाओं में सुधार हुआ है।
जैव ऊर्जा और सीबीजी में अग्रणी प्रदेश
राज्य जैव ऊर्जा नीति-2022 के तहत 36 सीबीजी (कंप्रेस्ड बायोगैस) संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। इससे अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ ईंधन उत्पादन को बढ़ावा मिला है।
ग्रीन हाइड्रोजन में भी बढ़त
ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के अंतर्गत दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह पहल स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के अनुसंधान और औद्योगिक उपयोग को नई दिशा देगी। (इनपुट: आईएएनएस)


