केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने हरियाणा की वायु प्रदूषण कार्य योजना की समीक्षा की, समयबद्ध कार्रवाई पर दिया जोर

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए चल रहे उपायों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को मिशन मोड में लागू करने, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, नियमों के सख्त पालन और पूरे समाज की भागीदारी के साथ वायु प्रदूषण से निपटने पर जोर दिया। बैठक में हरियाणा के पर्यावरण एवं वन मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे।

सर्दियों से पहले मिशन मोड में हो कार्रवाई

भूपेंद्र यादव ने कहा कि सर्दियों से पहले उपलब्ध समय का पूरा उपयोग करते हुए प्रदूषण रोकने के सभी उपायों को मिशन मोड में लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए समयबद्ध कार्य, बेहतर समन्वय और नियमों का सख्ती से पालन बेहद आवश्यक है।

सड़क की धूल कम करने पर विशेष जोर

मंत्री ने सड़क की धूल कम करने के उपायों की समीक्षा करते हुए कहा कि मॉनसून के दौरान सड़कों की मरम्मत, स्थानीय प्रजातियों की झाड़ियों और घास लगाकर हरियाली बढ़ाने, गड्ढों की समय पर मरम्मत, फुटपाथ और पैदल मार्ग विकसित करने, सड़क किनारे पौधारोपण तथा नियमित सफाई को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों (एमआरएसएम) की तैनाती में सभी कमियां सितंबर तक दूर कर ली जाएं और सभी मशीनों को जियो-टैग किया जाए ताकि सड़क सफाई की रियल-टाइम निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग नेटवर्क को मिले गति

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की समीक्षा के दौरान भूपेंद्र यादव ने कहा कि हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र के नगर निगमों में इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती तेजी से की जानी चाहिए क्योंकि मौजूदा बेड़े में कमी है। उन्होंने सात नगर निगम क्षेत्रों में तेजी से ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए राज्य सरकार की सराहना भी की।

पुराने वाहनों के वैज्ञानिक निस्तारण पर बल

मंत्री ने अधिकारियों से एनसीआर के बाहर योग्य एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) वाहनों के हस्तांतरण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने पुराने और अनुपयुक्त वाहनों के वैज्ञानिक स्क्रैपिंग को बढ़ावा देने तथा ‘परिवर्तन योजना’ के तहत प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया।

‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश

भूपेंद्र यादव ने सभी पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाने का आग्रह किया ताकि ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ पहल को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। उन्होंने ट्रैफिक जाम वाले हॉटस्पॉट की पहचान कर उन्हें मिशन मोड में दूर करने के निर्देश भी दिए।

औद्योगिक प्रदूषण और सीएंडडी कचरे पर सख्ती

औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण की समीक्षा करते हुए मंत्री ने औद्योगिक इकाइयों में ऑनलाइन निरंतर उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) और वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (एपीसीडी) की स्थापना में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) कचरे के लिए सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर जल्द स्थापित करने, पुराने कचरे का युद्ध स्तर पर निस्तारण करने तथा नगरपालिका ठोस कचरे और बायोमास को 100% एकत्रित कर खुले में कचरा जलाने की घटनाएं समाप्त करने के निर्देश दिए।

पराली प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर

भूपेंद्र यादव ने राज्य सरकार से फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनों की खरीद में कमियां दूर करने और कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा। उन्होंने किसानों के लिए व्यापक जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने, ग्राम पंचायतों के सहयोग से पराली जलाने वाले हॉटस्पॉट की पहचान करने तथा औद्योगिक इकाइयों की फसल अवशेष उपयोग क्षमता का सर्वेक्षण कराने का सुझाव दिया। साथ ही उन्होंने बेलर मशीनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

‘पूरी सरकार-पूरे समाज’ के दृष्टिकोण पर जोर

भूपेंद्र यादव ने कहा कि वायु प्रदूषण जैसी चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ‘पूरी सरकार’ और ‘पूरा समाज’ के दृष्टिकोण के साथ काम करना होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के अधिकारियों को बैठक में तय सभी उपायों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और केंद्रीय मंत्री के मार्गदर्शन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष, मंत्रालय, हरियाणा सरकार, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) और हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (एचएसपीसीबी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। (इनपुट: पीआईबी)