देशभर में मॉनसून की स्थिति पर गृह मंत्रालय की नजर, प्रभावित राज्यों को हरसंभव सहायता

देशभर में जारी मॉनसून और भारी बारिश की स्थिति पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय लगातार नजर बनाए हुए है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मंत्रालय प्रभावित राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है। गृह मंत्रालय का कहना है कि समय रहते चेतावनी जारी करने, राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय और नुकसान के आकलन के लिए सभी संबंधित एजेंसियां सक्रिय हैं।

एकीकृत नियंत्रण कक्ष से 24 घंटे निगरानी

गृह मंत्रालय का एकीकृत नियंत्रण कक्ष (आईसीटी) भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) और भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केन्द्र (INCOIS) सहित अन्य केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से संचालित हो रहा है। यह राज्य और जिला आपात संचालन केन्द्रों को समय पर अलर्ट भेजने के साथ ही चौबीसों घंटे राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहा है।

कई राज्यों में भारी बारिश और भूस्खलन

जुलाई 2026 के दौरान नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव तथा जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में भारी बारिश और भूस्खलन की स्थिति बनी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।

एनडीआरएफ ने 52 लोगों को बचाया, 2,206 को सुरक्षित पहुंचाया

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) राज्य आपदा मोचन बल, राज्य पुलिस और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है। संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से टीमें तैनात की गई हैं। पिछले एक सप्ताह में एनडीआरएफ ने 52 लोगों को सुरक्षित बचाया, जबकि 2,206 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

रक्षा मंत्रालय भी राहत कार्यों में सहयोगी

गृह मंत्रालय के साथ समन्वय करते हुए रक्षा मंत्रालय ने भी अपने संसाधनों का त्वरित उपयोग कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान, लोगों और राहत सामग्री के परिवहन तथा राहत वितरण में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है।

मॉनसून से पहले तैयारियों की हुई थी समीक्षा

गृह मंत्रालय ने बताया कि 10 मई, 2026 को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में लू और मॉनसून पूर्व संभावित बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा की गई थी। इसके बाद 3 जून, 2026 को जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। चार धाम यात्रा मार्ग की तैयारियों की भी नियमित निगरानी की जाती रही।

केंद्रीय टीमें कर रही हैं नुकसान का आकलन

गृह मंत्री के निर्देश पर अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों ने 7 से 10 जुलाई, 2026 के बीच अरुणाचल प्रदेश और असम के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन किया, ताकि राष्ट्रीय आपदा सहायता कोष से आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। एक अन्य अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम 25 जुलाई, 2026 से असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का विस्तृत आकलन करेगी।

बारिश से वर्षा की कमी में आई कमी

गृह मंत्रालय के अनुसार, हाल की भारी बारिश से कुछ राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ है, लेकिन देशभर में वर्षा की कमी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पहले जहां लगभग 30% वर्षा की कमी का अनुमान था, वह अब घटकर लगभग 15% रह गई है। (इनपुट: पीआईबी)

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