स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा आज सोमवार को विश्व एड्स दिवस 2025 के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन का नेतृत्व करेंगे। जेपी नड्डा इस विश्व एड्स दिवस पर युवाओं, रोकथाम पर नए अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसका उद्देश्य एचआईवी की रोकथाम, उपचार और देखभाल करना है। इस आयोजन में सरकारी नेताओं, विकास भागीदारों, युवा प्रतिनिधियों, सामुदायिक अधिवक्ताओं, एचआईवी से पीड़ित लोगों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को साथ लाना है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं के नेतृत्व में एक फ्लैश प्रदर्शन जागरूक और ज़िम्मेदारीपूर्ण व्यवहार के महत्व पर ज़ोर देगा। इसके बाद एक विषयगत प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा, जिसमें राष्ट्रीय एड्स एवं यौन संचारित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत डिजिटल नवाचारों, कार्यक्रम की उपलब्धियों और समुदाय-आधारित मॉडलों को प्रदर्शित किया जाएगा। लाभार्थियों के अनुभवों की कहानियां और एक दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति एनएसीपी-5 के तहत भारत की प्रगति और आगामी प्राथमिकताओं के बारे में बताया जाएगा।
इस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण नाको की राष्ट्रीय मल्टीमीडिया पहल के तहत एक नई अभियान वीडियो श्रृंखला का शुभारंभ होगा, जो तीन प्रमुख आधार -युवा एवं जागरूकता, ऊर्ध्वाधर संचरण का उन्मूलन और भेदभाव-पर केंद्रित होगी। इसके अतिरिक्त, प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम संसाधन भी जारी किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं-
- संकलक का 7वां संस्करण
- भारत एचआईवी अनुमान 2025
- अनुसंधान संग्रह
- आईटी-सक्षम वर्चुअल हस्तक्षेप लैंडिंग पृष्ठ
इस कार्यक्रम में एक विशेष लाइव संगीत प्रदर्शन भी होगा, जिसका विषय शीघ्र जांच, उपचार और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीना होगा। इस आयोजन के दौरान, नाको की राष्ट्रीय मल्टीमीडिया पहल के अंतर्गत एक नए अभियान वीडियो श्रृंखला का शुभारंभ किया जाएगा जिसमें एक विशेष लाइव संगीत प्रदर्शन भी होगा। इस प्रदर्शन का विषय प्रारंभिक परीक्षण, उपचार का पालन और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीना होगा।
आपको बता दें, भारत राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के वर्तमान चरण के अंतर्गत पर्याप्त प्रगति कर रहा है-
- एचआईवी की जांच 4.13 करोड़ (2020-21) से बढ़कर 6.62 करोड़ (2024-25) हो गई
- एंटीरेट्रोवायरल उपचार तक पहुंच वाले पीएलएचआईवी की संख्या 14.94 लाख से बढ़कर 18.60 लाख हो गई
- इसी अवधि में वायरल लोड परीक्षण 8.90 लाख से लगभग दोगुना होकर 15.98 लाख हो गया
वहीं, 2010 और 2024 के बीच भारत ने ये उपलब्धियां प्राप्त की है-वार्षिक नए एचआईवी संक्रमणों में 48.7% की गिरावट,एड्स से संबंधित मौतों में 81.4% की कमी और मां से बच्चे में एचआईवी संचरण में 74.6% की गिरावट।


