केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कश्मीर में एटीएल सारथी और सीमावर्ती क्षेत्र कार्यक्रम का किया शुभारंभ

नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन (एआईएम) ने श्रीनगर में कश्मीर विश्वविद्यालय के सहयोग से कश्मीर विश्वविद्यालय के कन्‍वोकेशन कॉम्‍प्‍लेक्‍स में एटीएल सारथी और सीमावर्ती क्षेत्र कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया।

इस दौरान, अपने संबोधन में डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे भारत की अर्थव्यवस्था चौथे स्थान से तीसरे स्थान और उससे भी आगे बढ़ेगी, मूल्यवर्धन उन क्षेत्रों और संसाधनों से आएगा, जिन्‍हें अब तक कम उपयोग में लाया गया है और जम्मू-कश्मीर दोनों ही मापदंडों पर खरा उतरता है। उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद ही इस क्षेत्र को उचित महत्‍व मिलने लगा है और इस सरकार द्वारा शुरू किए गए अरोमा मिशन जैसी पहलों से हिमालय और नदियों के विशाल संसाधनों को नए अवसर मिले हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अगले दो दशकों में भारत की विकास गाथा में नवाचार पर आधारित अग्रणी योगदानकर्ता के रूप में उभरने की क्षमता मौजूद है।

श्रीनगर में एटीएल सारथी पहल के शुभारंभ की बधाई देते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस अवसर को “दोहरा उत्सव”-भारत की विकास यात्रा में कश्मीर विश्वविद्यालय के जम्मू-कश्मीर को मुख्यधारा में शामिल करने के साधन बनने और इस सीमावर्ती केंद्र शासित प्रदेश में एआईएम के लिए अपने नवाचार नेटवर्क का विस्तार करने- का प्रतीक है।

केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि सीमावर्ती क्षेत्र कार्यक्रम के तहत, जम्मू-कश्मीर में 100 करोड़ रुपये के निवेश से 500 नई अटल टिंकरिंग लैब्‍स (एटीएल) स्थापित की जाएंगी, जो सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए स्वीकृत 2,500 लैब्‍स का सबसे बड़ा हिस्सा होंगी।

उन्होंने कहा कि ये लैब्स स्कूली विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अत्याधुनिक उपकरणों से परिचित कराएंगी, जिससे वे कम उम्र में ही नवाचार करने में सक्षम होंगे।

आपको बता दें, यह ऐतिहासिक पहल, 500 नई अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) की घोषणा के साथ, केंद्र शासित प्रदेश में नवाचार को प्रोत्साहन प्रदान करती है। अटल टिंकरिंग लैब देश भर के चिन्हित स्कूलों में गतिविधि-आधारित शिक्षा प्रदान करती है, जहां युवा मस्तिष्क सामाजिक समस्याओं के लिए अपने विचारों को मूर्त रूप दे सकते हैं।

इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं कश्मीर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मनोज सिन्हा, केंद्र शासित प्रदेश, प्रदेश की शिक्षा मंत्री सकीना मसूद (इत्तू), नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन के मिशन निदेशक डॉ. दीपक बागल उपस्थित थे। इसके अलावा, कार्यक्रम में कश्मीर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के दिग्गजों, इनक्यूबेटरों, शिक्षकों और 2000 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। (इनपुट-पीआईबी)