केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ 2026 की तैयारियों की समीक्षा की

केंद्रीय विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने “स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर” (एसएसएसएस) अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की। साथ ही आगामी भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के लिए व्यवस्थाओं का आकलन भी किया। इस दौरान, जितेंद्र सिंह ने दोनों राष्ट्रीय पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए संस्थानों के बीच सुचारू समन्वय और व्यापक जनभागीदारी का आह्वान किया।

कल शनिवार को पृथ्वी भवन में आयोजित इस बैठक में राष्ट्रव्यापी तटीय सफाई अभियान के 2026 संस्करण के रोडमैप की समीक्षा की गई। यह संस्करण 12 से 19 सितंबर तक चलेगा और अंतर्राष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस के साथ समाप्त होगा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और उसके संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों और वैज्ञानिकों के साथ-साथ भारतीय तटरक्षक बल, सीमा जागरण मंच, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, विभा और अन्य हितधारक संगठनों के प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2026 का अभियान भारत की 11,098 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर एक सप्ताह तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी आंदोलन के रूप में आयोजित किया जाएगा। इसमें केंद्रीय और राज्य मंत्रालयों, शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों, जिला प्रशासनों, युवा संगठनों और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान तटीय संरक्षण और समुद्री पारिस्थितिक सुरक्षा के प्रति बढ़ती राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि पृथ्वी योजना के अंतर्गत चलाया जा रहा यह अभियान वैज्ञानिक निगरानी और जनभागीदारी को मिलाकर समुद्री जल की गुणवत्ता के आकलन, समुद्री कचरे के प्रबंधन और तटीय कटाव जैसी आपदाओं को कम करने से संबंधित दीर्घकालिक प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने अभियान की पहुंच बढ़ाने के लिए एनसीसी, एनएसएस, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी समूहों और नागरिक समाज संगठनों की अधिक भागीदारी का आह्वान किया।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत नीली अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की तटीय पहलें वैज्ञानिक संस्थानों और प्रौद्योगिकी-सक्षम भागीदारी द्वारा समर्थित समुदाय-संचालित पर्यावरणीय प्रबंधन के एक मॉडल के रूप में उभर रही हैं।

आपको बता दें, “स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर” अभियान 2022 में शुरू किया गया था। यह देश के तटीय क्षेत्रों में समुद्री कचरे को साफ करने और कम करने के उद्देश्य से 75 दिनों का एक अंतर-मंत्रालयी अभियान था। तब से यह अभियान अंतर्राष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस के सप्ताह के दौरान प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। इसमें सरकारी संस्थानों, स्वयंसेवकों, गैर सरकारी संगठनों, छात्रों और सामुदायिक संगठनों की भागीदारी होती है। 2025 में, यह अभियान 15 से 20 सितंबर तक तटीय क्षेत्रों में व्यापक जनभागीदारी के साथ चलाया गया था। 

 

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