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56वें IFFI में केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने की मास्टरक्लास सीरीज की शुरुआत, एआई और महिला-नेतृत्व वाली सिनेमा पर फोकस

56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI 2025) में आज शुक्रवार को गोवा के कला अकादमी में मास्टरक्लास सीरीज की शुरुआत हुई, जिसका उद्घाटन सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने किया। कार्यक्रम में I&B सचिव संजय जाजू, संयुक्त सचिव डॉ. अजय नागभूषण, फिल्मकार मुजफ्फर अली, NFDC के प्रबंध निदेशक प्रकाश मघडुम और निर्माता रवि कोट्टाराकारा भी मौजूद रहे। इस वर्ष पहली बार मास्टरक्लास सीरीज का उद्घाटन सार्वजनिक रूप से किया गया, जिससे अधिक लोगों को इसमें शामिल होने का मौका मिला।

उद्घाटन कार्यक्रम में मुरुगन ने बताया कि इस साल फेस्टिवल में 200 से ज्यादा फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते सिनेमा प्रभाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि IFFI 2025 देश के विकसित भारत के विजन के अनुरूप है और यह दुनिया भर में भारत की रचनात्मक पहचान को मजबूत करता है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि इस बार 50 महिला निर्देशकों की फिल्में फेस्टिवल में दिखाई जाएंगी, जो सरकार की नारी शक्ति को बढ़ावा देने और फिल्म उद्योग में महिलाओं की रचनात्मक नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।

मास्टरक्लास सीरीज की शुरुआत फिल्मकार मुजफ्फर अली के सत्र से हुई, जिसने आगे होने वाली ज्ञान-वर्धक चर्चाओं की रूपरेखा तय की। फेस्टिवल के दौरान विद्या विनोद चोपड़ा, अनुपम खेर, शेखर कपूर, राजकुमार हिरानी, विशाल भारद्वाज, आमिर खान, शाद अली और सुहासिनी मणी रत्नम जैसे बड़े नाम प्रतिभागियों से संवाद करेंगे। इन सत्रों में फिल्म निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सिनेमा में स्थिरता, महिला-केंद्रित कहानी, वैश्विक प्रतिनिधित्व, साथ ही सिनेमैटोग्राफी, VFX, SFX और थिएटर ऐक्टिंग जैसे विषयों पर कार्यशालाएं शामिल होंगी।

IFFI 2025 में ऑस्ट्रेलिया, जापान, जर्मनी और कनाडा सहित कई देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं, जिससे यह फेस्टिवल अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद और सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है। हर साल की तरह इस बार भी फेस्टिवल में लता मंगेशकर और गुरु दत्त जैसे महान कलाकारों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिनका योगदान भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक लेकर गया।-(PIB)