केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 15 जून 2025 को आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित टोबैको बोर्ड में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NICDC) द्वारा विकसित किए जा रहे तीन औद्योगिक नोड्स कृष्णपट्टनम (चेन्नई-बेंगलुरु औद्योगिक कॉरिडोर), ओरवाकल (हैदराबाद-बेंगलुरु औद्योगिक कॉरिडोर) और कोप्पार्थी (विशाखापत्तनम-चेन्नई औद्योगिक कॉरिडोर) की प्रगति का आकलन किया गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक औद्योगिक क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने वाला वातावरण तैयार करें, जिसमें स्टार्टअप्स और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए विशेष जोन आरक्षित हों। उन्होंने स्टार्टअप्स के लिए इन्क्यूबेटर बनाने, आधुनिक तकनीकी सुविधाएं प्रदान करने और सब्सिडी दरों पर भूमि उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने यह भी सुझाव दिया कि विदेशी निवेश को लक्षित करने के लिए देश-विशेष निवेश सम्मेलन आयोजित किए जाएं और परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत डैशबोर्ड बनाया जाए, जिससे समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा उन्होंने गुणवत्ता नियंत्रण और परीक्षण प्रणालियों को सख्ती से अपनाने का भी निर्देश दिया। बैठक में सांसद डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी, ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री टी. जी. भारत, आंध्र प्रदेश के उद्योग मंत्री डॉ. एन. युवराज, उद्योग सचिव रजत कुमार सैनी, NICDC के सीईओ और एमडी अभिषिक्त किशोर, APIIC के प्रबंध निदेशक तथा NICDC, APICDC और अन्य संबद्ध एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत APIIC के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक द्वारा तीनों औद्योगिक नोड्स की विस्तृत प्रस्तुति से हुई, जिसके बाद “स्वर्ण आंध्र 2047” औद्योगिक योजना की रूपरेखा राज्य के उद्योग सचिव ने प्रस्तुत की। NICDC के सीईओ रजत कुमार सैनी ने भूमि अधिग्रहण, राज्य सरकार द्वारा बाहरी अधोसंरचना के समय पर निर्माण और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जहां तीन अलग-अलग औद्योगिक कॉरिडोर के अंतर्गत औद्योगिक नोड्स विकसित किए जा रहे हैं। इन नोड्स में मजबूत आधारभूत ढांचा, संस्थागत समर्थन और एकीकृत योजना के जरिए राज्य को औद्योगिक क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। कृष्णपट्टनम नोड 2,006 एकड़ में फैला है और इसका अनुमानित निवेश 10,500 करोड़ रुपये है, जिससे एक लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। ओरवाकल नोड 2,621 एकड़ क्षेत्र में है, जिसमें 12,000 करोड़ रुपये का निवेश और लगभग 45,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। वहीं कोप्पार्थी नोड 2,596 एकड़ में फैला है, जहां 8,800 करोड़ रुपये के निवेश से लगभग 54,000 लोगों को नौकरी मिलने की संभावना है।
NICDC, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य अगली पीढ़ी के औद्योगिक स्मार्ट शहरों का विकास करना है। इसके साथ ही विनिर्माण को बढ़ावा देना, वैश्विक निवेश आकर्षित करना, रोजगार उत्पन्न करना और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करना है। दिल्ली-मुंबई, अमृतसर-कोलकाता, चेन्नई-बेंगलुरु, ईस्ट कोस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर और बेंगलुरु-मुंबई जैसे प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोरों के माध्यम से NICDC देश में औद्योगिक क्रांति का नया अध्याय लिख रहा है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दोहराया कि केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश को “स्वर्ण आंध्र प्रदेश” के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और यह राज्य आने वाले वर्षों में समावेशी और सतत औद्योगिक विकास का प्रतीक बनेगा।-(PIB)


