केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने दिल्ली में भारत शोध यात्रा 2025 को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने आज सोमवार को दिल्ली स्थित भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) से भारत शोध यात्रा 2025 को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस यात्रा का आयोजन स्प्रिंगर नेचर ने केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से किया है। यह पहल अनुसंधान में समग्रता, नवाचार और समावेशिता को बढ़ावा देने वाली देश की सबसे महत्वाकांक्षी आउटरीच पहलों में से एक है।

सावित्री ठाकुर ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि भारत शोध यात्रा देश भर के शोधकर्ताओं को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। यह पहल महिलाओं को शोध में प्रोत्साहित करती है, विद्वता में नैतिकता को मजबूत बनाती है और अवसरों तथा संसाधनों तक समान पहुंच सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि महिला शोधकर्ताओं और विद्वानों का सशक्तिकरण एक समावेशी ज्ञान अर्थव्यवस्था के निर्माण का मूल आधार है।

सावित्री ठाकुर ने विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में महिला शोधकर्ताओं के लिए सुरक्षित, सहायक और अवसरों से भरपूर वातावरण बनाने पर जोर दिया । उन्होंने स्प्रिंगर नेचर और आईसीएसएसआर की सराहना की कि उन्होंने इस दौरे में लैंगिक समानता, नैतिक प्रकाशन प्रथाओं और “हर रिसर्च, अवर फ्यूचर” जैसी पहलों पर चर्चाओं को शामिल किया, जो शिक्षा और नीति निर्माण में महिलाओं की आवाज को मुख्यधारा में लाने के मंत्रालय के मिशन के अनुरूप हैं।

इस अवसर पर स्प्रिंगर नेचर के सीईओ फ्रैंक व्रेनकेन पीटर्स, स्प्रिंगर नेचर इंडिया के प्रबंध निदेशक वेंकटेश सर्वसिद्धि, और आईसीएसएसआर के सदस्य सचिव प्रोफेसर धनंजय सिंह भी उपस्थित थे। भारत शोध यात्रा 2025 के तीसरे संस्करण में 15 शहरों और 7 राज्यों के 29 प्रमुख संस्थानों का दौरा शामिल होगा, जिसमें आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी कानपुर, आईआईटी गुवाहाटी, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (नई दिल्ली), आईआईएम कलकत्ता, आईआईएम लखनऊ और आईआईएम बोधगया जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं।

इस यात्रा के प्रमुख स्तंभों में ओपन एक्सेस को बढ़ावा देना, अनुसंधान समग्रता और प्रकाशन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर ध्यान केंद्रित करना, “हर रिसर्च, अवर फ्यूचर” जैसी पहलों के माध्यम से विविधता और समावेशन को बढ़ावा देना और ज्ञान तक पहुंच को सर्व-सुलभ बनाकर संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में योगदान देना शामिल है। स्प्रिंगर नेचर दुनिया के अग्रणी शोध प्रकाशकों में से एक है और ओपन साइंस में भी अग्रणी भूमिका निभाता है। यह शोधकर्ताओं को अपनी खोजों को साझा करने में मदद करता है, शिक्षकों को सीखने के अवसर प्रदान करता है और पेशेवरों को ज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी बने रहने के लिए सशक्त बनाता है। -(PIB)

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