उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर पार्क परियोजना की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। यह महत्वाकांक्षी परियोजना सेक्टर-28, ई-01 में करीब 48 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 4000 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
यूपी का पहला सेमीकंडक्टर पार्क
यह उत्तर प्रदेश का पहला सेमीकंडक्टर पार्क होगा, जिससे प्रदेश औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्र में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना का विकास आधुनिक तकनीक, वैश्विक गुणवत्ता मानकों और समयबद्ध योजना के अनुरूप किया जाए।
भविष्य की अर्थव्यवस्था का आधार: सेमीकंडक्टर उद्योग
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग भविष्य की अर्थव्यवस्था का आधार है और इस क्षेत्र में निवेश से प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से राज्य में निवेश के नए द्वार खुलेंगे और गौतमबुद्धनगर सहित आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
3000 लोगों को मिलेंगे रोजगार के अवसर
परियोजना के तहत लगभग 3000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाए, ताकि वे इस अत्याधुनिक उद्योग में बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
पर्यावरण और तकनीकी मानकों के पालन पर जोर
सीएम योगी ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन में सभी पर्यावरणीय और तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
अधिकारियों ने दी तैयारियों की जानकारी
बैठक में तीनों विकास प्राधिकरणों के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भूमि विकास, आधारभूत संरचना, विद्युत आपूर्ति, जल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं से जुड़ी तैयारियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की उम्मीद
सेमीकंडक्टर पार्क की स्थापना से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को उभरते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है। यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को भी मजबूती प्रदान करेगी। (इनपुट: आईएएनएस)


