भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की अंतरराष्ट्रीय इकाई एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) ने मंगलवार को भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) और नेपाल के नेशनल पेमेंट्स इंटरफेस (एनपीआई) के बीच सीमा पार भुगतान सुविधा शुरू करने की घोषणा की। इससे दोनों देशों के बीच रियल-टाइम, कम लागत और सुरक्षित धन हस्तांतरण संभव हो सकेगा।
इस एकीकरण के बाद भारत और नेपाल के उपयोगकर्ता मोबाइल नंबर, वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (वीपीए) या यूपीआई आईडी के माध्यम से व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) लेनदेन कर सकेंगे। इसके लिए बैंक खाते की संवेदनशील जानकारी साझा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
यह सुविधा फिलहाल चुनिंदा बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है और आने वाले चरणों में इसे अधिक वित्तीय संस्थानों तक विस्तारित किया जाएगा।
एनपीसीआई के अनुसार, यह पहल सीमा पार डिजिटल भुगतान को मजबूत करने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और भारत-नेपाल के बीच आर्थिक एवं डिजिटल संपर्क को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इसके अलावा यह परियोजना जी-20 के उस व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है, जिसके तहत सीमा पार भुगतान को अधिक सुलभ, कुशल और किफायती बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
एनपीसीआई इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऋतेश शुक्ला ने कहा कि नेपाल क्लियरिंग हाउस लिमिटेड (एनसीएचएल) के साथ साझेदारी में शुरू की गई यह सेवा वैश्विक समुदायों की बदलती जरूरतों के अनुरूप नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि यह पहल दोनों देशों के परिवारों के लिए सीमा पार धन प्रेषण को आसान, किफायती और सुरक्षित बनाएगी तथा वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा देगी।
रियल-टाइम सेटलमेंट सुविधा के कारण पारंपरिक धन प्रेषण माध्यमों की तुलना में लेनदेन लागत में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। इससे दोनों देशों के उपयोगकर्ताओं, विशेषकर धन प्रेषण पर निर्भर परिवारों को, राशि तेजी से प्राप्त हो सकेगी।
नेपाल क्लियरिंग हाउस लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीलेश मान सिंह प्रधान ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच इस लिंक का सफल शुभारंभ दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग और सीमा पार धन हस्तांतरण को सरल, रियल-टाइम और सुविधाजनक बनाने की साझा प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा, “डिजिटल भुगतान की इस साझा यात्रा में हम और अधिक सेवाएं जोड़ने तथा दोनों देशों के लाखों लोगों और व्यवसायों को इससे जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।”
एनपीसीआई इंटरनेशनल और एनसीएचएल के बीच यह साझेदारी इंटरऑपरेबल भुगतान प्रणालियों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है और भविष्य में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।
-(इनपुटःएजेंसी)


