भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में यूपीआई के माध्यम से रिकॉर्ड 23.2 अरब लेनदेन किए गए, जिनका कुल मूल्य 29.9 लाख करोड़ रुपये रहा।
आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने में यूपीआई ने प्रतिदिन औसतन 73.78 करोड़ लेनदेन संसाधित किए। दैनिक लेनदेन का औसत मूल्य 84,423 करोड़ रुपये रहा। खुदरा भुगतान, व्यापारी भुगतान और व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) लेनदेन में यूपीआई का व्यापक उपयोग इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
एनपीसीआई के अनुसार, मई 2026 में यूपीआई के जरिए कुल 23,201.93 मिलियन यानी 23.2 अरब लेनदेन हुए। इसके मुकाबले तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) के माध्यम से 35.81 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए, जिनका कुल मूल्य 6.96 लाख करोड़ रुपये रहा।
एनपीसीआई ने स्पष्ट किया कि जारी आंकड़ों में ‘क्रेडिट कार्ड ऑन यूपीआई’ और ‘क्रेडिट लाइन ऑन यूपीआई’ से जुड़े लेनदेन शामिल नहीं हैं। इन्हें जोड़ने पर यूपीआई का वास्तविक उपयोग और अधिक हो जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ताओं का बढ़ता भरोसा, व्यापारियों द्वारा व्यापक स्वीकार्यता, यूपीआई लाइट और फीचर फोन आधारित यूपीआई सेवाओं के विस्तार ने इसके उपयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
छोटे किराना भुगतान से लेकर बड़े बिलों के भुगतान तक, यूपीआई अब भारतीयों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। एनपीसीआई द्वारा सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकथाम और अंतरराष्ट्रीय यूपीआई नेटवर्क के विस्तार पर किए जा रहे काम से आने वाले समय में इसकी वृद्धि और तेज होने की उम्मीद है।
मई 2026 में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन और प्रतिदिन 70 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन संभालने की क्षमता ने एक बार फिर साबित किया है कि यूपीआई भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली की रीढ़ बन चुका है।
(इनपुट- ANI)


