भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। मार्च 2025 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए लेनदेन में 13.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे कुल ट्रांजेक्शन 18.3 अरब तक पहुंच गया। फरवरी में यह आंकड़ा 16.11 अरब था। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के मुताबिक मार्च में UPI के जरिए कुल 24.77 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ, जो फरवरी के 21.96 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 12.79% अधिक है।
NPCI के आंकड़ों के मुताबिक, हर दिन औसतन 590 मिलियन (59 करोड़) ट्रांजेक्शन हुए जिनका कुल दैनिक मूल्य 79,910 करोड़ रुपये था। साल-दर-साल तुलना करें तो मार्च 2024 की तुलना में मार्च 2025 में UPI ट्रांजेक्शन के मूल्य में 25% और ट्रांजेक्शन की संख्या में 36% की बढ़ोतरी हुई है। इससे यह पता चलता है कि भारत में लोग तेजी से डिजिटल भुगतान को अपना रहे हैं और UPI पर उनकी निर्भरता बढ़ रही है।
वहीं 1 अप्रैल से UPI यूजर्स के लिए नए नियम लागू हो गए हैं। यदि किसी बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर लंबे समय तक सक्रिय नहीं रहता, तो उससे लिंक किया गया UPI ID भी निष्क्रिय हो जाएगा। इसका मतलब यह है कि यदि आपका बैंक में रजिस्टर किया गया मोबाइल नंबर काम नहीं कर रहा है, तो आप UPI का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा, बैंकों और UPI ऐप्स को हर हफ्ते यूजर्स के मोबाइल नंबर अपडेट करने होंगे, ताकि किसी अन्य व्यक्ति को पुराना नंबर मिलने पर UPI ट्रांजेक्शन में कोई समस्या न हो। NPCI ने सभी UPI यूजर्स को सलाह दी है कि वे सुनिश्चित करें कि उनका बैंक में रजिस्टर किया गया मोबाइल नंबर सक्रिय रहे, ताकि वे बिना किसी रुकावट के डिजिटल भुगतान कर सकें।