अमृतसर: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका

अमृतसर में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को स्वर्ण मंदिर का दौरा किया और वहां मत्था टेका। उनके दौरे के दौरान मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। 

सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह तैयार

इस संबंध में अमृतसर के डीसीपी (लॉ एंड ऑर्डर) आरपीएस संधू ने बताया कि राजदूत के आने पर सुरक्षा और हर स्थिति से निपटने के लिए उचित इंतजाम किए गए हैं। दीवारों पर कुछ लिखे जाने की खबरों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी तरफ से सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है और किसी भी शरारती तत्व ने गड़बड़ी नहीं की। संधू ने बताया कि सिविल और वर्दीधारी दोनों तरह के लगभग 150 जवान तैनात किए गए हैं। अंदर और बाहर दोनों जगह फोर्स पूरी तरह तैयार है।

भारत के विभिन्न हिस्सों का दौरा जारी

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर अपनी जिम्मेदारियों के तहत देश के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने श्रीनगर और लेह की यात्रा भी की थी। 

SAD (अमृतसर) नेता ने उठाए कई मुद्दे

शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के कार्यकारी अध्यक्ष ईमान सिंह मान ने कहा कि वे राजदूत के दौरे के दौरान पंजाब, सिखों के अधिकारों और भारत-पाकिस्तान संबंधों से जुड़े मुद्दों को उनके सामने रखेंगे। मान ने बताया कि यह दौरा सिख समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने पंजाब, खासकर अमृतसर के सीमावर्ती इलाकों पर भारत-पाकिस्तान तनाव के प्रभाव का जिक्र किया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सिंधु जल संधि का उल्लेख करते हुए उन्होंने दोनों देशों के बीच बातचीत और जल सहयोग फिर से शुरू करने की मांग की।

सात सूत्रीय मांगें रखीं

मान ने बताया कि उनकी पार्टी ने सात सूत्रीय मांगें पेश की हैं। इनमें अमेरिका की निरंतर कूटनीतिक भागीदारी, जल सहयोग की बहाली, तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत (TAPI) पाइपलाइन पर विचार और कानूनी व्यापार, यात्रा तथा तीर्थयात्रा के लिए भारत-पाकिस्तान सीमा खोलना शामिल है। उन्होंने कहा कि सीमा खुलने से पंजाब की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सकता है और मध्य एशियाई देशों के साथ व्यापार आसान हो सकता है। सीमा पार से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी पर भी उन्होंने चिंता जताई।

इसके अलावा, उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के चुनाव, धार्मिक स्वतंत्रता, सिख मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के मामले और सिख समुदाय के आत्मनिर्णय के अधिकार जैसे मुद्दों को भी उठाने की बात कही। पार्टी ने अमेरिका से सिख अधिकारों से जुड़े मुद्दों की जांच का समर्थन करने और स्वतंत्र सिख राज्य को मान्यता देने की भी मांग की है। (इनपुट-एजेंसी)