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अमेरिकी कंपनियों का AI कर्ज बढ़ा, निवेशक सतर्क

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विस्तार के लिए अमेरिकी कंपनियों द्वारा तेजी से जुटाया जा रहा कर्ज अब निवेशकों की मांग की सीमा को परख रहा है। बड़े बॉन्ड खरीदारों का कहना है कि बाजार में भारी मात्रा में नए बॉन्ड आने से निवेशकों को इन्हें खरीदने के लिए ज्यादा रिटर्न की जरूरत पड़ रही है।

निवेश प्रबंधक Amazon और Alphabet जैसी मजबूत कंपनियों की क्रेडिट गुणवत्ता को लेकर फिलहाल सहज हैं, लेकिन AI से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए लगातार बढ़ते कर्ज के बीच वे अधिक यील्ड की मांग कर रहे हैं। इससे यह चिंता बढ़ रही है कि यदि AI पर खर्च इसी गति से बढ़ता रहा तो बाजार में एक निर्णायक मोड़ आ सकता है।

Schroders में अमेरिकी फिक्स्ड इनकम के प्रमुख नील सदरलैंड ने कहा कि टेक कंपनियों के बॉन्ड स्प्रेड में निवेशकों की यह चिंता दिखाई देने लगी है। बॉन्ड स्प्रेड उस अतिरिक्त रिटर्न को दर्शाता है जिसकी मांग निवेशक अमेरिकी ट्रेजरी के मुकाबले कॉरपोरेट कर्ज रखने के लिए करते हैं। स्प्रेड बढ़ना आम तौर पर अधिक जोखिम या अधिक रिटर्न की मांग का संकेत होता है।

विश्लेषकों ने Amazon द्वारा हाल में की गई 25 अरब डॉलर की बॉन्ड बिक्री का उदाहरण दिया। इस बॉन्ड की कीमत अमेरिकी ट्रेजरी से लगभग 120 बेसिस प्वाइंट अधिक पर तय हुई, जबकि पिछले साल यह अंतर करीब आधा था।

Capital Group की पोर्टफोलियो मैनेजर करेन चोई के अनुसार, टेक कंपनियों के बॉन्ड स्प्रेड फिलहाल 89 बेसिस प्वाइंट है, जो पूरे निवेश-ग्रेड बाजार से 9 बेसिस प्वाइंट अधिक है।

यह उस क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव है, जो लंबे समय तक मजबूत बैलेंस शीट और अपेक्षाकृत कम कर्ज जरूरतों के कारण कॉरपोरेट क्रेडिट बाजार में सबसे कम स्प्रेड वाले क्षेत्रों में शामिल रहा है।

AI कंपनियों की कर्ज जुटाने की रफ्तार तेज

BNP Paribas के 10 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में AI हाइपरस्केलर कंपनियों की बॉन्ड बिक्री 220 अरब डॉलर तक पहुंच गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह केवल 12.5 अरब डॉलर थी।

Alphabet की इस महीने की बॉन्ड बिक्री को निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली, लेकिन इसके लिए भी मौजूदा बॉन्ड की तुलना में लगभग 10 से 15 बेसिस प्वाइंट की अतिरिक्त रियायत देनी पड़ी।

DWS के फिक्स्ड इनकम प्रमुख जॉर्ज कैटरम्बोन ने कहा कि साल की शुरुआत में AI से जुड़े बॉन्ड सौदों को निवेशकों ने आसानी से स्वीकार किया था, लेकिन हाल के सौदों में उन्हें आकर्षित करने के लिए अधिक यील्ड देनी पड़ रही है। इससे संकेत मिलता है कि मौजूदा स्प्रेड और लंबी अवधि के बॉन्ड को लेकर पारंपरिक निवेशक अधिक सतर्क हो रहे हैं।

AI खर्च को वित्तपोषित करने के लिए कंपनियां अब पहले की तुलना में काफी अधिक और लंबी अवधि का कर्ज जारी कर रही हैं। इससे निवेशकों के सामने अलग-अलग अवधि और जोखिम वाले बॉन्ड की बड़ी संख्या आ रही है।

हालांकि, निवेशकों के मुताबिक स्थिति अभी चिंताजनक स्तर पर नहीं पहुंची है। AI क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों की क्रेडिट रेटिंग मजबूत है और उनके पास पर्याप्त नकदी प्रवाह है।

निवेशकों की क्षमता भी बन सकती है सीमा

विशेषज्ञों के मुताबिक बड़ा जोखिम कुल मांग में गिरावट से ज्यादा संस्थागत निवेशकों की व्यावहारिक सीमाओं से जुड़ा हो सकता है।

पेंशन फंड और बीमा कंपनियां आम तौर पर किसी एक कंपनी के बॉन्ड में अपने कुल निवेश का लगभग 2 से 3 प्रतिशत तक ही निवेश करने की सीमा रखती हैं। ऐसे में यदि वही कुछ AI कंपनियां लगातार भारी मात्रा में कर्ज जारी करती रहती हैं, तो इन निवेश सीमाओं का असर मांग पर पड़ सकता है।

Capital Group की चोई ने कहा कि निवेशकों के लिए पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना महत्वपूर्ण है और वे अपने निवेश का बहुत बड़ा हिस्सा किसी एक कंपनी के बॉन्ड में नहीं रखना चाहते।

इस बीच, विदेशी निवेशक, पेंशन फंड और बीमा कंपनियां AI से जुड़े बॉन्ड की कुछ मांग को पूरा कर रही हैं। निवेश-ग्रेड कॉरपोरेट बॉन्ड इंडेक्स की यील्ड फिलहाल करीब 5.4 प्रतिशत है, जो लंबे समय के औसत के अनुरूप है और इससे मांग को समर्थन मिल रहा है।

फिर भी, AI कंपनियों के लिए लगातार बढ़ते कर्ज की लागत एक नई चुनौती बनती जा रही है। निवेशकों का कहना है कि टेक कंपनियों को अब यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि उनके बॉन्ड के लिए बाजार में असीमित मांग बनी रहेगी।

DWS के कैटरम्बोन ने कहा कि यदि कंपनियां बार-बार बाजार से कर्ज जुटाती रहीं तो उन्हें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए और बड़ी रियायतें देनी पड़ सकती हैं और बॉन्ड स्प्रेड और बढ़ सकता है।

-(रॉयटर्स)