दक्षिण कोरिया में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को किया अलर्ट

दक्षिण कोरिया में अमेरिकी दूतावास ने बुधवार को अपने नागरिकों के लिए एक आपातकालीन चेतावनी जारी की। दूतावास ने कहा कि मार्शल लॉ हटने के बाद हालात ‘अस्थिर’ हो सकते हैं, और नागरिकों से सुरक्षा के मामले में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। दूतावास ने यह भी बताया कि वह बुधवार को अमेरिकी नागरिकों और वीजा आवेदकों के लिए अपनी नियमित कांसुलर नियुक्तियां रद्द कर देगा।

अमेरिकी दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर एक आपातकालीन सूचना पोस्ट की

योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल ने मार्शल लॉ घोषित किया था। उसके अगले दिन अमेरिकी दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर एक आपातकालीन सूचना पोस्ट की। यह सूचना कुछ घंटों बाद ही हटा ली गई, जब नेशनल असेंबली ने मार्शल लॉ को अस्वीकार करने के लिए मतदान किया।

राष्ट्रपति यून की मार्शल लॉ हटाने की घोषणा के बाद भी हालात अस्थिर बने हुए हैं

दूतावास ने कहा, “राष्ट्रपति यून की मार्शल लॉ हटाने की घोषणा के बाद भी हालात अस्थिर बने हुए हैं।” पोस्ट में कहा गया, “अमेरिकी नागरिकों को संभावित परेशानियों के लिए तैयार रहना चाहिए। जब आप बाहर हों, तो अपने आस-पास पर ध्यान दें और सुरक्षा के सामान्य उपाय अपनाएं।”

दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों को प्रदर्शन के इलाकों से दूर रहने को कहा

दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों को प्रदर्शन के इलाकों से दूर रहने और “बड़ी भीड़, सभाओं, विरोध प्रदर्शनों या रैलियों” के पास सतर्क रहने की सलाह दी।
उन्होंने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी कभी-कभी झगड़े और हिंसा में बदल सकते हैं। दूतावास ने यह भी बताया कि वह बुधवार को अमेरिकी नागरिकों और वीजा आवेदकों के लिए अपनी नियमित कांसुलर नियुक्तियां रद्द कर देगा।

मंगलवार देर रात एक टेलीविजन संबोधन में “आपातकालीन” मार्शल लॉ की घोषणा की

आपको बता दें कि राष्ट्रपति यून ने मंगलवार देर रात एक टेलीविजन संबोधन में “आपातकालीन” मार्शल लॉ की घोषणा की, जिसमें देश के विपक्ष पर “राज्य-विरोधी” गतिविधियों के साथ सरकार को “पंगु” करने का आरोप लगाया गया।

मार्शल लॉ की उनकी आश्चर्यजनक घोषणा अल्पकालिक थी

वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपति यूं सुक येओल ने मार्शल लॉ हटाने के लिए संसद (नेशनल असेंबली) के अनुरोध को आज सुबह स्वीकार कर लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि मार्शल लॉ की उनकी आश्चर्यजनक घोषणा अल्पकालिक थी। राष्ट्रपति ने सुबह लगभग 4:20 बजे टेलीविजन पर राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, “मैं नेशनल असेंबली के अनुरोध को तुरंत स्वीकार करूंगा और कैबिनेट के माध्यम से मार्शल लॉ हटाऊंगा।”

येओल के इस फैसले के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए

दरअसल नेशनल असेंबली में आपातकालीन मार्शल लॉ के खिलाफ हुए मतदान के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। येओल के इस फैसले के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए थे। दक्षिण कोरिया की मुख्य विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहा कि वह राष्ट्रपति यूं सुक येओल के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाएगी। इसे गुरुवार को होने वाले पूर्ण सत्र में पेश किया जाएगा।

इससे पहले 1980 में लगा था मार्शल लॉ

इससे पहले 1980 में लगा था मार्शल लॉ। उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया ने आखिरी बार मई 1980 में मार्शल लॉ घोषित किया था। इस वक्त देश चुन डू-ह्वान के नेतृत्व में एक सैन्य तख्तापलट के नियंत्रण में था। चुन डू-ह्वान सितंबर 1980 में राष्ट्रपति बने। 1981 में मार्शल लॉ हटा लिया गया।

बता दें, दक्षिण कोरिया की संसद में कुल 300 सीटें हैं। 2024 में हुए चुनाव में जनता ने विपक्षी दल डीपी को भारी जनादेश दिया था। वहीं सत्ताधारी पीपल पावर को महज 108 सीटें मिली थी।

 

 

 

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