अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार सुबह गिरावट देखने को मिली। निवेशकों में सतर्कता के कारण शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में रहे।
बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 330 अंकों की गिरावट के साथ 76,973 के स्तर तक फिसल गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी लगभग 93 अंक टूटकर 23,999 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
सेक्टोरल स्तर पर बैंकिंग, फार्मा, हेल्थकेयर और एफएमसीजी शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा। निफ्टी पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक, फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में करीब 1 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, आईटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी सेक्टर के कुछ शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
निफ्टी के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में बजाज ऑटो, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी लाइफ, इंडिगो, बजाज फिनसर्व और ट्रेंट शामिल रहे। हालांकि, व्यापक बाजार में मजबूती देखने को मिली, जहां मिडकैप, स्मॉलकैप और माइक्रोकैप इंडेक्स करीब 1 फीसदी तक बढ़त में कारोबार करते दिखे।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। इसके लिए 23,700–23,800 का स्तर सपोर्ट और 24,200–24,300 का स्तर रेजिस्टेंस बना हुआ है। उन्होंने कहा कि बाजार में मजबूत तेजी के लिए निफ्टी का 24,500 के ऊपर टिकना जरूरी होगा।
वैश्विक स्तर पर भी माहौल अनिश्चित बना हुआ है, क्योंकि निवेशक अमेरिका-ईरान तनाव और इसके ऊर्जा आपूर्ति पर संभावित असर को लेकर चिंतित हैं। खबरों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि इसमें परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों का समाधान शामिल नहीं है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। जापान का निक्केई करीब 1 फीसदी गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 1 फीसदी चढ़ा। हांगकांग का हैंगसेंग भी करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया।
वहीं, अमेरिकी बाजारों में हल्की बढ़त दर्ज की गई। एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.12 फीसदी और नैस्डैक 0.20 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए। कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते निकट अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
(इनपुट- -आईएएनएस)


