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उपराष्ट्रपति ने की NCC और सैनिक स्कूलों की प्रगति की समीक्षा, विस्तार पर दिया जोर

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) और सैनिक स्कूलों को और सशक्त बनाने के लिए राज्यों की अधिक भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि इन संस्थानों के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति को NCC और सैनिक स्कूलों की प्रगति, विस्तार योजनाओं और भविष्य की रणनीति से अवगत कराया। प्रस्तुतीकरण में लगभग 20 लाख कैडेटों वाले NCC के प्रशिक्षण, राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों और सैनिक स्कूलों के संचालन एवं विस्तार की जानकारी दी गई।

उपराष्ट्रपति ने राष्ट्र निर्माण में NCC की भूमिका की सराहना करते हुए ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ शिविरों को राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने नशा मुक्त भारत अभियान, स्वच्छ भारत अभियान जैसी सामुदायिक सेवा गतिविधियों और NCC एलुमनाई एसोसिएशन की स्थापना की भी प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि NCC को मजबूत करना पूरे देश की साझा जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रशिक्षण अवसंरचना विकसित करने, भूमि उपलब्ध कराने जैसे मामलों में राज्य सरकारों के साथ बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने इस दिशा में हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

बैठक में सैनिक स्कूलों के संचालन और विस्तार, मौजूदा व्यवस्था तथा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर भी चर्चा हुई। उपराष्ट्रपति ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों के बीच बढ़ती मांग को देखते हुए प्रत्येक राज्य में तीन से पांच सैनिक स्कूल स्थापित करने का लक्ष्य रखा जा सकता है। साथ ही उन्होंने मौजूदा सैनिक स्कूलों की प्रवेश क्षमता बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने का भी सुझाव दिया।

(इनपुटः PIB)