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‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ को लेकर वायरल पत्र फर्जी, PIB फैक्ट चेक ने किया खंडन

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक इकाई ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उस कथित पत्र को पूरी तरह फर्जी करार दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने “ऑपरेशन सिंदूर 2.0” की तैयारियों को लेकर निर्देश जारी किए हैं।

पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लोगों को फर्जी खबरों से सावधान रहने की सलाह दी और स्पष्ट किया कि रक्षा सचिव या रक्षा मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है।

पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा, “फेक न्यूज के झांसे में न आएं। सोशल मीडिया पर एक पत्र व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि यह रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह द्वारा जारी किया गया है और इसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ की तैयारियों का उल्लेख है। यह पत्र पूरी तरह फर्जी है।”

फैक्ट चेक इकाई ने उस कथित दस्तावेज़ की तस्वीर भी साझा की, जिस पर “ऑपरेशन सिंदूर 2.0; प्रधानमंत्री का निर्देश, रणनीतिक उद्देश्य” विषय लिखा हुआ था। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि इस दस्तावेज़ का रक्षा मंत्रालय या भारत सरकार की किसी आधिकारिक संचार प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है।

पीआईबी ने नागरिकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।

फैक्ट चेक इकाई ने कहा, “ऑनलाइन प्रसारित हो रही फर्जी खबरों से सतर्क रहें और सत्यापित जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों पर निर्भर रहें। भारत सरकार से संबंधित किसी भी संदिग्ध सामग्री की सूचना @PIBFactCheck को दें।”

गौरतलब है कि सरकार की विभिन्न एजेंसियां सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और अपुष्ट सूचनाओं पर लगातार नजर रख रही हैं और समय-समय पर उनका खंडन कर रही हैं।

इससे पहले भी पीआईबी फैक्ट चेक ने उन वायरल दावों को खारिज किया था, जिनमें कहा गया था कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल न्यायाधीशों के साथ लंदन दौरे पर गए हैं और वहां बैडमिंटन प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं।

पीआईबी ने स्पष्ट किया था कि दोनों मंत्री लंदन नहीं गए हैं और वायरल तस्वीरें नवंबर 2025 में नई दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आयोजित ऑल इंडिया जजेज बैडमिंटन चैंपियनशिप की हैं, जिन्हें गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा है।

फैक्ट चेक इकाई ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे भ्रामक या अपुष्ट सामग्री को साझा न करें और किसी भी संदिग्ध फोटो, वीडियो या संदेश की पुष्टि के लिए आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करें।

-(इनपुटःएजेंसी)