नई दिल्ली में वीआरडीएल कॉन्क्लेव-2025 का उद्घाटन हुआ, अनुप्रिया पटेल बोलीं– स्वास्थ्य अनुसंधान में नए मानक गढ़ रहा है भारत

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने आज गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नेशनल वायरस रिसर्च एंड डायग्नॉस्टिक लेबोरेटरी (VRDL) कॉन्क्लेव-2025 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत स्वास्थ्य अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और विश्व स्तर पर नए मानक स्थापित कर रहा है।

अनुप्रिया पटेल ने स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और VRDL नेटवर्क की सराहना करते हुए कहा कि ये संस्थान समाज की सेवा में स्वास्थ्य अनुसंधान को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर के VRDLs महामारी और संक्रमणों से निपटने में “सुरक्षा के प्रहरी” की तरह खड़े रहे हैं और समय-समय पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस मौके पर उन्होंने इन-विट्रो डायग्नॉस्टिक्स (IVD) वेलिडेशन पोर्टल और वेलिडेशन प्रोटोकॉल्स का भी शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल प्रक्रियाओं को तेज, पारदर्शी और उद्योग-हितैषी बनाएगा, जिससे नए टेस्ट और तकनीक जल्दी और सुरक्षित तरीके से उपलब्ध हो पाएंगे। अनुप्रिया पटेल ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक मजबूत, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक स्वास्थ्य अनुसंधान तंत्र का निर्माण कर रहा है। उन्होंने बताया कि नेशनल वन हेल्थ मिशन के तहत पहली बार 13 मंत्रालयों और विभागों को एक छतरी के नीचे लाया गया है, जो पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है।

स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि भारत अब संक्रमणों के शुरुआती पता लगाने से लेकर स्वदेशी टेस्ट वेलिडेशन तक कई क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस कॉन्क्लेव ने वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत को एक साझा मंच प्रदान किया है, जो आने वाले समय में आत्मनिर्भर भारत के स्वास्थ्य विजन को और मजबूत करेगा।