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रेलवे में कचरा प्रबंधन को नई मजबूती, सभी स्तरों पर बने पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग विभाग

भारतीय रेलवे ने ट्रेनों और रेलवे परिसरों में ठोस अपशिष्ट (Solid Waste) के वैज्ञानिक प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मंडल, जोन और रेलवे बोर्ड स्तर पर समर्पित पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग प्रबंधन (EnHM) विभाग स्थापित किए हैं। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी।

रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे ने ट्रेनों और स्टेशनों से निकलने वाले कचरे के संग्रह, पृथक्करण, प्रसंस्करण और वैज्ञानिक निपटान के लिए व्यापक व्यवस्था विकसित की है। रेलवे स्टेशनों पर स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण के लिए दो रंगों वाले डस्टबिन लगाए गए हैं, जबकि ट्रेनों से निकलने वाला कचरा निर्धारित स्टेशनों पर एकत्र कर स्थानीय निकायों और नगर निकायों के सहयोग से वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जाता है।

रेलवे ने पर्यावरण-अनुकूल अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए देशभर के स्टेशनों पर 13 बायोगैस संयंत्र, 171 कम्पोस्ट संयंत्र, 8 मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) और 858 प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनें स्थापित की हैं।

मंत्रालय के अनुसार, इन संयंत्रों की कुल क्षमता प्रतिदिन 5,095 किलोग्राम बायोगैस, 24,817 किलोग्राम कम्पोस्टिंग और 7,725 किलोग्राम सामग्री पुनर्प्राप्ति (Material Recovery) की है।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप रेलवे बोर्ड ने रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों, रेलवे कॉलोनियों, अस्पतालों, कार्यशालाओं और उत्पादन इकाइयों सहित सभी रेलवे परिसरों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। इसमें कचरे के पृथक्करण, संग्रह, परिवहन, प्रसंस्करण, वैज्ञानिक निपटान और निगरानी की विस्तृत व्यवस्था तय की गई है।

रेल मंत्री ने बताया कि सभी जोनल रेलवे में ऐसे परिसरों की पहचान की जा रही है जो नए नियमों के तहत बड़े अपशिष्ट उत्पादक (Bulk Waste Generator) की श्रेणी में आते हैं। इसके साथ ही रेलवे परिसरों और ट्रेनों में उत्पन्न होने वाले कचरे का आकलन करने के लिए ‘एज़-इज़ वेस्ट कैरेक्टराइजेशन एंड क्वांटिफिकेशन स्टडी’ भी शुरू की जा रही है।

प्रत्येक जोन में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार करेंगे, नियमित ऑडिट कराएंगे, कार्यान्वयन की निगरानी करेंगे और रेलवे बोर्ड को अनुपालन रिपोर्ट भेजेंगे। मंडल स्तर पर भी प्रभावी कचरा प्रबंधन के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

रेल मंत्री ने बताया कि लंबी दूरी की 1,450 जोड़ी ट्रेनों में यात्रियों को यात्रा के दौरान स्वच्छता और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए ऑनबोर्ड हाउसकीपिंग सेवा (OBHS) उपलब्ध कराई जा रही है।

इसके अलावा 63 रेलवे स्टेशनों पर ‘क्लीन ट्रेन स्टेशन (CTS)’ योजना लागू की गई है, जिसके तहत 2,800 ट्रेनों को कवर किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत ट्रेन के ठहराव के दौरान विशेष सफाई दल कोच के शौचालय, वॉशबेसिन की सफाई करता है और डस्टबिन से कचरा एकत्र करता है, जिससे यात्रियों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं मिलती हैं।

-(इनपुटःपीआईबी)