राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान भीषण गर्मी से आंशिक राहत मिली है। राज्य के कई हिस्सों में हुई बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से खासतौर पर जोधपुर और कोटा संभाग में बुधवार दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे लंबे समय से जारी लू के प्रकोप से लोगों को राहत मिली। इसका असर तापमान पर भी दिखा और श्रीगंगानगर, सीकर और पिलानी समेत 10 से अधिक शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया।
मौसम केंद्र, जयपुर ने गुरुवार के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए आठ जिलों में आंधी-तूफान और बारिश की चेतावनी दी है।
हालांकि, कुछ इलाकों में राहत के बावजूद कई शहरों में गर्मी का असर बरकरार है। चित्तौड़गढ़ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा जैसलमेर में 42.6 डिग्री, बाड़मेर में 42 डिग्री, बीकानेर में 41.4 डिग्री, कोटा और जोधपुर में 41.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। जयपुर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम 28.7 डिग्री सेल्सियस रहा।
उदयपुर में दिन और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी के साथ अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि जोधपुर में उमस भरे दिन के बाद शाम को बारिश हुई। सीकर में सुबह बारिश और निम्न दबाव तंत्र के चलते नौ दिनों बाद तापमान 40 डिग्री से नीचे आया।
अजमेर में दिनभर की तेज गर्मी के बाद शाम को हल्की बारिश और ठंडी हवाओं ने राहत दी। वहीं अलवर में ओलावृष्टि और बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हुआ।
कोटा में पिछले दो दिनों से बारिश और ओलावृष्टि के चलते तापमान में करीब 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। कई स्थानों पर आंधी-तूफान और बारिश की संभावना है, जिससे बीच-बीच में राहत मिल सकती है, हालांकि कई क्षेत्रों में गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा।
कुल मिलाकर राजस्थान में इस समय गर्मी और अचानक बदलते मौसम का मिश्रित दौर जारी है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
(इनपुट-आईएएनएस)


