बुनकरों की आय और सम्मान सरकार की प्राथमिकता: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बुनकरों की आय, सम्मान और आजीविका की स्थिरता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने इस क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए समग्र और व्यावहारिक योजना बनाने पर जोर दिया।

बुनकर विभाग की समीक्षा बैठक में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुनकर केवल परंपरा के वाहक नहीं हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था का भी मजबूत आधार हैं। इसलिए उनकी आय और सम्मान की रक्षा करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि बुनकरों को कच्चे माल की बढ़ती कीमत, आधुनिक डिजाइन और तकनीक की कमी तथा बाजार तक सीमित पहुंच जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं का समाधान केवल योजनाओं से नहीं होगा, बल्कि क्लस्टर आधारित मजबूत व्यवस्था विकसित करनी होगी।

अधिकारियों के अनुसार, राज्य में करीब 1.99 लाख बुनकर इस क्षेत्र से जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश देश में छठे स्थान पर है। राज्य कालीन, दरी और चटाई के उत्पादन में अग्रणी है, वहीं बेडशीट, फर्निशिंग और कंबल के क्षेत्र में भी मजबूत पकड़ रखता है।

वर्ष 2024-25 में भारत का कुल हैंडलूम निर्यात 1,178.93 करोड़ रुपये रहा, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान 109.40 करोड़ रुपये यानी करीब 9.27 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री ने बुनकर क्षेत्रों की पहचान कर क्लस्टर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्लस्टरों में उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता नियंत्रण, डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर भी ध्यान दिया जाए।

उन्होंने सुझाव दिया कि बुनकरों को समूह बनाकर पंजीकृत इकाइयों में संगठित किया जाए, जिससे सामूहिक उत्पादन और विपणन को बढ़ावा मिल सके। साथ ही उन्हें आधुनिक तकनीक, उपकरण और कौशल विकास से जोड़ा जाए।

योगी आदित्यनाथ ने डिजाइन और बाजार की जरूरतों के अनुसार उत्पाद तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने डिजाइनर और मार्केटिंग विशेषज्ञों की भूमिका को मजबूत करने तथा निर्यात एजेंसियों से जुड़ाव बढ़ाने की बात कही।

इसके अलावा, उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स और ब्रांडिंग के जरिए बुनकरों को सीधे ग्राहकों से जोड़ने पर भी जोर दिया।

बिजली की बढ़ती लागत को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पावरलूम बुनकरों के लिए राहत देने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली खर्च कम करने और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि लंबे समय तक फायदा मिल सके।

-(इनपुटःएजेंसी)