वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार को तेज उछाल देखा गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ समझौता होने तक हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। इस बयान के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई।
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि यह नाकेबंदी ईरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव बनाने का प्रमुख जरिया है। उन्होंने दावा किया कि यह कदम सैन्य कार्रवाई से भी अधिक प्रभावी साबित हो रहा है और ईरान पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें पहले हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने और नाकेबंदी हटाने की बात कही गई थी। अमेरिकी पक्ष ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की ढील से पहले ईरान को अमेरिका की शर्तों को स्वीकार करना होगा।
हालांकि ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि वार्ता नहीं होती है, तो सैन्य विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है, लेकिन उन्होंने किसी ठोस सैन्य योजना पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
इस घटनाक्रम के बीच पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है और वैश्विक तेल एवं गैस आपूर्ति को लेकर चिंताएं गहराने लगी हैं। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में से एक है, जहां किसी भी प्रकार की रुकावट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ता है।
प्रख्यात अर्थशास्त्री जेफ्री सैक्स ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि मौजूदा संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आपूर्ति बाधित रही, तो तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है, जिससे कई देशों में आर्थिक अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।
जेफ्री सैक्स के अनुसार, वर्तमान स्थिति वैश्विक ऊर्जा बाजारों के नाजुक संतुलन को दर्शाती है और यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका व्यापक प्रभाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
(इनपुट-ANI)


