पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) लागू करने वाला देश का 36वां राज्य/केंद्रशासित प्रदेश बनने जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी।
राज्य को इस प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना में औपचारिक रूप से शामिल करने के लिए सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) और पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा करेंगे। इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव और अनुप्रिया पटेल, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव तथा पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल के शामिल होने की संभावना है।
एबी पीएम-जेएवाई के तहत शामिल होने के बाद राज्य के पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। यह सुविधा माध्यमिक और तृतीयक स्तर के अस्पतालों में भर्ती के खर्च को कवर करेगी।
योजना का उद्देश्य कमजोर और जरूरतमंद परिवारों पर चिकित्सा खर्च का आर्थिक बोझ कम करना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना है। इसके लिए सार्वजनिक और निजी अस्पतालों का एक व्यापक नेटवर्क उपलब्ध कराया गया है।
शुरुआत से ही आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई देश की स्वास्थ्य व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरी है। इस योजना ने लाखों लोगों को महंगे इलाज के खर्च से सुरक्षा प्रदान की है और उन्हें बिना आर्थिक चिंता के उपचार प्राप्त करने में मदद की है।
पश्चिम बंगाल के योजना में शामिल होने के बाद राज्य के पात्र लाभार्थियों को पोर्टेबिलिटी सुविधा का भी लाभ मिलेगा। इसके तहत वे देशभर में सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार करा सकेंगे।
अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता बेहतर होगी तथा सभी नागरिकों को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।
-IANS


