वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को थोक मूल्य सूचकांक (WPI) की नई सीरीज लॉन्च कर दी। अब 2022-23 को नया आधार वर्ष मानकर आंकड़े जारी किए जाएंगे। पुरानी 2011-12 आधार वर्ष वाली सीरीज को नई सीरीज ने बदल दिया है।
मंत्रालय ने साथ ही मई 2026 के लिए थोक महंगाई का आंकड़ा भी जारी किया। इसके अनुसार, मई में थोक महंगाई दर सालाना आधार पर 9.68 प्रतिशत दर्ज की गई। सभी वस्तुओं का सूचकांक बढ़कर 109.9 पर पहुंच गया।
महंगाई के प्रमुख कारण
– ईंधन और बिजली श्रेणी में महंगाई सबसे अधिक रही — करीब 30 प्रतिशत।
– विनिर्मित उत्पादों (Manufactured Products) में महंगाई 7.48 प्रतिशत।
– प्राथमिक वस्तुओं में महंगाई 4.99 प्रतिशत।
– खाद्य महंगाई (WPI Food Index) 4.49 प्रतिशत रही।
खनिज तेल, कच्चा पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, रसायन एवं रासायनिक उत्पाद तथा बेसिक मेटल्स थोक महंगाई को बढ़ाने वाले प्रमुख कारक रहे।
नई WPI सीरीज की खासियतें
– WPI बास्केट में वस्तुओं की संख्या 697 से बढ़ाकर 957 कर दी गई है।
– बिजली श्रेणी में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा को शामिल किया गया।
– कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को अब प्राथमिक वस्तुओं से हटाकर ईंधन और ऊर्जा श्रेणी में रखा गया।
– वेटेज तय करने के लिए Gross Value of Output (GVO) का उपयोग किया गया।
– अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की सिफारिशों और वैश्विक मानकों के अनुरूप बदलाव किए गए हैं।
सरकार ने आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (OPPI), ट्रायल इनपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (IPPI) और सेवाओं के लिए सर्विस प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) की नई सीरीज भी जारी की है। नई WPI सीरीज को अगले पांच साल तक जारी रखा जाएगा ताकि उपयोगकर्ताओं को नई प्रणाली अपनाने का पर्याप्त समय मिल सके। यह बदलाव देश में उत्पादक मूल्य माप प्रणाली को और मजबूत तथा वैश्विक स्तर पर अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। (इनपुट-एजेंसी)


