आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिर्फ तकनीक का भविष्य नहीं बल्कि वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था का भी नया इंजन बन सकता है। विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) ने अपनी वार्षिक विश्व व्यापार रिपोर्ट 2025 में कहा है कि एआई के व्यापक इस्तेमाल से 2040 तक वैश्विक व्यापार में लगभग 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ ही, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में भी 12 से 13 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की संभावना जताई गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, एआई व्यापार लागत घटाने, उत्पादकता बढ़ाने और देशों को कच्चे माल, सेमीकंडक्टर्स तथा इंटरमीडिएट इनपुट जैसे एआई-इनेबल गुड्स तक पहुंच दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा। वर्ष 2023 में इन वस्तुओं का वैश्विक व्यापार 2.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का था।
हालांकि, रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि अगर निवेश, नीतिगत ढांचे और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में कमी रही तो एआई मौजूदा डिजिटल डिवाइड यानी विकसित और विकासशील देशों के बीच डिजिटल अंतर को और गहरा कर सकता है।
डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक न्गोजी ओकोंजो-इवेला ने कहा, “एआई में व्यापार लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने की अपार क्षमता है। लेकिन एआई तकनीकों तक पहुंच और डिजिटल व्यापार में भागीदारी की क्षमता अभी भी बहुत असमान है।” उन्होंने सभी देशों से आह्वान किया कि एआई को सभी अर्थव्यवस्थाओं के लिए अवसर बनाने के लिए व्यापार, निवेश और पूरक नीतियों का सही मिश्रण जरूरी है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि निवेश, घरेलू सुधार और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से एआई की संभावनाओं का विस्तार किया जा सकता है। ऐसा करने से न केवल वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली भी अधिक सशक्त होगी।-(IANS)


