Year Ender 2025: सुरक्षित, सशक्त और विकसित भारत की ओर गृह मंत्रालय का ऐतिहासिक सफर

साल 2025 गृह मंत्रालय के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष रहा। इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षित, संरक्षित और विकसित भारत के विज़न को पूरा करने की दिशा में कई बड़े और निर्णायक कदम उठाए गए। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मंत्रालय ने आतंकवाद, उग्रवाद, संगठित अपराध और साइबर अपराध जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने पर विशेष ध्यान दिया।

मंत्रालय की प्रमुख उपलब्धियों में वामपंथी उग्रवाद का लगभग अंत, प्रभावी आतंकवाद विरोधी रणनीतियाँ, नए आपराधिक कानूनों का सफल क्रियान्वयन, साइबर सुरक्षा को मजबूत करना, नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति और जनगणना 2027 की तैयारियाँ शामिल रहीं।

इन पहलों के कारण हिंसा में कमी आई, सजा की दर बढ़ी और वंचित वर्गों को सशक्त किया गया।

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक जीत

मोदी सरकार के नेतृत्व में देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का अभियान निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया।

सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की संख्या घटकर केवल 3 रह गई, प्रभावित जिलों की संख्या 11 रह गई और 2025 में 312 नक्सली मारे गए, जो अब तक का रिकॉर्ड है।

कर्रेगुट्टा हिल्स ऑपरेशन में 31 नक्सली ढेर किए गए।

नारायणपुर में 27 खतरनाक माओवादी मारे गए, जिनमें टॉप नेता बसवराजू भी शामिल था।

258 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें ₹1 करोड़ के इनामी नक्सली भी थे।

बोकारो क्षेत्र को पूरी तरह नक्सल-मुक्त घोषित किया गया।

आतंकवाद पर सख्त प्रहार

ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव के जरिए पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी नेटवर्क को करारा झटका दिया गया।

आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया और पahलगam हमले में शामिल सभी आतंकियों को ढेर किया गया।

नई Multi-Agency Centre, BHARATPOL पोर्टल, NATGRID, CCTNS और कड़े कानूनों के जरिए आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को कमजोर किया गया।

NIA की सजा दिलाने की दर 95% पहुंच गई — जो दुनिया की सबसे ऊंची दरों में शामिल है।

जम्मू-कश्मीर में शांति और एकीकरण

अब तक 12 हुर्रियत-समर्थित संगठन अलगाववाद छोड़कर संविधान पर भरोसा जता चुके हैं।

सीमा हमलों से प्रभावित परिवारों को सरकारी नौकरी दी गई।

‘वतन को जानो’ जैसे कार्यक्रमों से कश्मीरी युवाओं को देश की मुख्यधारा से जोड़ा गया।

साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक व्यवस्था मजबूत

e-Zero FIR प्रणाली शुरू की गई — जिससे ₹10 लाख से ऊपर की साइबर ठगी में FIR अपने-आप दर्ज होती है।

देशभर में फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय और CFSL लैब्स स्थापित किए गए।

साइबर अपराध से निपटने के लिए चार-स्तरीय रणनीति लागू की गई।

नए आपराधिक कानून — न्याय का नया युग

तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए, जिनसे FIR से लेकर फैसला आने तक समयसीमा तय की गई।

न्याय प्रणाली को पारदर्शी, तेज़ और पीड़ित-केंद्रित बनाया गया।

ड्रग्स के खिलाफ युद्ध

देशभर में करोड़ों रुपये के ड्रग्स जब्त किए गए।

1.37 लाख किलो ड्रग्स नष्ट किए गए (₹4,800 करोड़ मूल्य)

दिल्ली में 328 किलो मेथामफेटामिन, समुद्री सीमा पर 300 किलो ड्रग्स पकड़े गए।

ड्रग माफियाओं के खिलाफ ‘Zero Tolerance’ नीति लागू।

सीमा प्रबंधन और विदेश नागरिक नीति

नई इमिग्रेशन नीति लागू की गई — जो टेक्नोलॉजी आधारित और राष्ट्रीय सुरक्षा केंद्रित है।

नया OCI पोर्टल लॉन्च किया गया।

Vibrant Villages Programme के तहत सीमावर्ती गांवों को विकसित किया गया।

आपदा प्रबंधन: Zero Casualty नीति

भारत वैश्विक आपदा प्रबंधन लीडर के रूप में उभरा।

SDRF में ₹15,554 करोड़ और NDRF में ₹2,267 करोड़ की मदद राज्यों को दी गई।

आपदा में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए रिकॉर्ड संख्या में NDRF टीमें तैनात की गईं।

पूर्वोत्तर भारत में शांति और विकास

हिंसा में 70% की कमी और नागरिक हताहतों में 85% की गिरावट आई।

बोडोलैंड, मिजोरम और मणिपुर में शांति बहाली के प्रयास तेज हुए।

CAPFs का आधुनिकीकरण

CRPF ने 400 से अधिक नए फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस बनाए।

BSF ने 118 पाकिस्तानी चौकियां तबाह कीं।

सेवानिवृत्त जवानों को एक रैंक ऊंचा सम्मान देने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया।

जनगणना 2027 और जाति जनगणना

2027 की जनगणना में पहली बार जाति गणना भी शामिल की जाएगी।

भारतीय भाषाओं को बढ़ावा

भारतीय भाषा अनुभाग की स्थापना हुई।

राजभाषा विभाग को नया विस्तार मिला।

साल 2025 में गृह मंत्रालय ने देश को नक्सल-मुक्त, आतंक-मुक्त, साइबर-सुरक्षित और न्याय-केंद्रित भारत की दिशा में निर्णायक मोड़ पर पहुंचा दिया।