नशा-मुक्त भारत के संकल्प के साथ शिलांग में जुटेंगे युवा प्रतिनिधि

युवा मामले एवं खेल मंत्रालय 28 से 30 मई, 2026 तक मेघालय की राजधानी शिलांग में “विकसित भारत के लिए नशा-मुक्त युवा” कॉन्क्लेव और “चिंतन शिविर – पूर्वोत्तर” का आयोजन करेगा। युवा मामलों के विभाग द्वारा माय भारत के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) शिलांग में आयोजित होगा। इसका उद्देश्य विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुरूप जिम्मेदार, सशक्त और जागरूक युवा इकोसिस्टम तैयार करना है। इस आयोजन में माय भारत, एनएसएस, जिला युवा अधिकारी, क्षेत्रीय निदेशक, शिक्षाविद, नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधि, नीति निर्माता और पूर्वोत्तर क्षेत्र के युवा हितधारक शामिल होंगे।

नशा-मुक्त भारत अभियान पर रहेगा फोकस

28 मई को आयोजित होने वाला “विकसित भारत के लिए नशा-मुक्त युवा” सम्मेलन विशेष रूप से युवाओं, खासकर पूर्वोत्तर भारत में बढ़ती मादक द्रव्यों की समस्या पर केंद्रित होगा। सम्मेलन में जागरूकता बढ़ाने, सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने और युवा नेतृत्व आधारित पहल को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में बताया जाएगा कि भौगोलिक स्थिति और तस्करी मार्गों के कारण पूर्वोत्तर राज्यों में मादक द्रव्यों के सेवन की समस्या अपेक्षाकृत अधिक गंभीर है। सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं को नशा-मुक्त भारत के दूत के रूप में तैयार करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना है।

रक्षा खडसे करेंगी प्रतिभागियों को संबोधित

युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों को संबोधित करेंगी। कार्यक्रम में माय भारत पोर्टल और विकसित भारत अभियान के तहत नशा-मुक्त युवा पहल पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके बाद मादक द्रव्यों की रोकथाम और पुनर्वास मॉडल पर विषयगत सत्र आयोजित होंगे। पूर्वोत्तर भारत में नशामुक्ति और पुनर्वास के क्षेत्र में काम कर रहे संगठनों के प्रतिनिधि अपनी सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और सफल मॉडलों को साझा करेंगे। सम्मेलन का समापन सामूहिक नशामुक्ति प्रतिज्ञा समारोह के साथ होगा।

29-30 मई को होगा ‘चिंतन शिविर – पूर्वोत्तर’

29 और 30 मई को आयोजित होने वाला “चिंतन शिविर – पूर्वोत्तर” युवा मामलों के विभाग के लिए नीति निर्माण, नेतृत्व विकास और संस्थागत सुदृढ़ीकरण का मंच बनेगा। इसका उद्देश्य शासन में नवाचार को बढ़ावा देना, संगठनात्मक समन्वय मजबूत करना और तकनीकी आधुनिकीकरण को प्रोत्साहित करना है। दो दिवसीय शिविर में आईआईएम शिलांग के विशेषज्ञ परिवर्तनकारी नेतृत्व पर सत्र लेंगे। इसके अलावा वार्षिक कार्य योजनाओं, माय भारत पोर्टल के माध्यम से डिजिटल युवा सहभागिता और एनएसएस के संस्थागत सुदृढ़ीकरण पर भी चर्चा होगी।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे उद्घाटन

29 मई को आयोजित उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, युवा मामलों के विभाग की सचिव पल्लवी जैन गोविल और अतिरिक्त सचिव नितेश कुमार मिश्रा मुख्य संबोधन देंगे।

विजन 2047 के अनुरूप तैयार होंगी सिफारिशें

शिविर के दूसरे दिन विषयगत समूह प्रस्तुतियों और सामूहिक विचार-विमर्श के जरिए नीतिगत सिफारिशों और कार्य योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में फिट इंडिया, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना, सामुदायिक लामबंदी और युवा सहभागिता रणनीतियों पर भी विशेष सत्र होंगे। विभाग को उम्मीद है कि इस विचार-विमर्श से विजन 2047 के अनुरूप कार्रवाई योग्य सिफारिशें तैयार होंगी और राष्ट्र निर्माण की पहलों में युवाओं की भागीदारी को और मजबूत किया जा सकेगा। (इनपुट: पीआईबी)