भारत की BRICS अध्यक्षता में आयोजित आठवें BRICS Youth Energy Summit 2026 में ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाने और सुरक्षित, टिकाऊ, समावेशी तथा भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा क्षेत्र के समाधान विकसित करने में BRICS देशों के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया।
वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें BRICS सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्रालयों से जुड़े युवा ऊर्जा पेशेवर, शिक्षाविद, सरकारी संस्थानों के प्रतिनिधि और BRICS Youth Energy Agency (BRICS YEA) के प्रतिनिधि शामिल थे।
इसके अलावा Sustainable Energy for All (SEforALL), International Solar Alliance (ISA) और International Renewable Energy Agency (IRENA) जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सम्मेलन में भाग लिया।
भारत की 2026 की BRICS अध्यक्षता का व्यापक विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है। ऊर्जा क्षेत्र के लिए भारत ने “Energy for All” विषय को अपनाया है, जो BRICS देशों में सभी के लिए सार्वभौमिक, सस्ती और समावेशी ऊर्जा पहुंच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ऊर्जा क्षेत्र में युवाओं को केंद्र में रखा गया
शिखर सम्मेलन में BRICS ऊर्जा सहयोग के केंद्र में युवाओं को रखते हुए उन्हें नवाचार, उद्यमिता, तकनीकी प्रगति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रमुख वाहक बताया गया।
चर्चाओं में BRICS देशों के युवा पेशेवरों, शिक्षाविदों, सरकारी संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
प्रतिभागियों ने कहा कि युवाओं की भागीदारी को केवल चर्चा तक सीमित रखने के बजाय उसे व्यावहारिक परिणामों में बदलने की जरूरत है। इसके लिए संयुक्त अनुसंधान, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन, ज्ञान के आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
तीन प्रमुख प्राथमिकताओं पर चर्चा
सम्मेलन में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े तीन प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा हुई—
- ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता
- ऊर्जा पहुंच और समानता
- प्रौद्योगिकी और नवाचार
इन विषयों के तहत 20 से अधिक युवा पैनलिस्टों ने विभिन्न BRICS देशों के अनुभव और दृष्टिकोण साझा किए।
चर्चाओं में ऊर्जा मिश्रण में विविधता लाने, मजबूत ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला तैयार करने, ऊर्जा की पहुंच बढ़ाने, नवीन वित्तपोषण व्यवस्था, नई और उभरती प्रौद्योगिकियों तथा ऊर्जा प्रणालियों के डिजिटलकरण जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
स्वच्छ ऊर्जा और मजबूत ऊर्जा व्यवस्था पर जोर
सम्मेलन में इस बात पर व्यापक सहमति बनी कि भविष्य के लिए ऊर्जा प्रणालियां मजबूत और विविधतापूर्ण होनी चाहिए। साथ ही सस्ती और समावेशी ऊर्जा पहुंच सुनिश्चित करने तथा स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के लिए नए और किफायती वित्तीय साधनों की जरूरत पर जोर दिया गया।
तकनीकी नवाचार और डिजिटलकरण को भी अधिक कुशल, लचीली और मजबूत ऊर्जा प्रणालियों के लिए महत्वपूर्ण माना गया। इसके लिए विश्वसनीय ऊर्जा डेटा, विभिन्न प्रणालियों के बीच बेहतर तालमेल, साइबर सुरक्षा और कुशल मानव संसाधन को जरूरी बताया गया।
भारत की प्रमुख ऊर्जा पहलों का उल्लेख
सम्मेलन में भारतीय युवा प्रतिनिधियों ने ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा पहुंच, स्वच्छ ऊर्जा विस्तार और बिजली क्षेत्र में सुधार से जुड़ी देश की प्रमुख पहलों और उपलब्धियों को भी सामने रखा।
इनमें PM-KUSUM, PM Surya Ghar, SHANTI Act, Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) और India Energy Stack (IES) जैसी पहल शामिल हैं।
शिखर सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि BRICS देशों के युवा ऊर्जा क्षेत्र में केवल भविष्य के हितधारक नहीं हैं, बल्कि नवाचार, तकनीकी समाधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के वर्तमान भागीदार भी हैं। उनके बीच सहयोग को मजबूत करके BRICS देश सुरक्षित, टिकाऊ और सभी के लिए सुलभ ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
-(IANS)


