08/12/23 | 2:05 pm

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कई निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने स्मारक मित्र योजना में अपनी दिलचस्पी दिखाई : जी.किशन रेड्डी

 भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने सीएसआर निधियों के माध्यम से संरक्षित स्मारकों को विकसित करने और सुविधाएं प्रदान करने के लिए निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की सहभागिता के लिए एक फ्रेमवर्क विकसित किया है। केन्द्रीय संस्कृति मंत्री जी.किशन रेड्डी ने “एडॉप्ट ए हेरिटेज प्रोग्राम 2.0” का परिवर्धित संस्करण लॉन्च किया ताकि विज़िटर्स के अनुभव को बेहतर किया जा सके और उन्हें विज़िटर्स के अनुकूल बनाया जा सके।

संस्‍कृति मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि केन्द्रीय संस्कृति, पर्यटन और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री जी.किशन रेड्डी ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया, कई निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने स्मारक मित्र योजना योजना में अपनी दिलचस्पी दिखाई है। इस बारे में  विभिन्न स्टेकहोल्डरों के साथ विचार-विमर्श किया गया। हालांकि,अब तक किसी भी प्रस्ताव को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। बता दें कि केंद्रीय संस्कृति मंत्री द्वारा 4 सितंबर, 2023 को “एडॉप्ट ए हेरिटेज प्रोग्राम 2.0” का नया संस्करण लॉन्च किया गया था। 

क्या है स्मारक मित्र योजना ?

ज्ञात हो कि पर्यटन मंत्रालय द्वारा 2017 में शुरू की गई इस योजना में एएसआई के तहत केंद्रीय संरक्षित स्मारकों, राज्य संरक्षित स्मारकों और प्राकृतिक और पर्यटक स्थानों में पर्यटक अनुभव को बढ़ाने की परिकल्पना की गई है। केंद्रीय संरक्षित स्मारकों के संबंध में सुविधाओं के सभी पहलुओं की एएसआई द्वारा विधिवत जांच और निगरानी की जाती है। बाद में इस योजना को पर्यटन मंत्रालय ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, एएसआई के तहत स्मारकों के संबंध में योजना को संस्कृति मंत्रालय को स्थानांतरित कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस साल 2023 के जनवरी के महीने में संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन ने घोषणा की थी सरकार ने स्मारक मित्र योजना के तहत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के नियंत्रणाधीन लगभग 1,000 स्मारकों को उनके रखरखाव के लिये प्राइवेट सेक्टर को सौंपने का निर्णय लिया है। इसके तहत आजादी का अमृत महोत्सव के अंत तक 500 से अधिक स्थलों को सौंपने का लक्ष्य रखा गया है। 

योजना का उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य निजी व सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों तथा व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से विरासत, प्राकृतिक एवं पर्यटक स्थलों में सुख-सुविधाओं की गुणवत्ता के लिये समावेशी प्रावधान सुनिश्चित करना है। यह योजना भारत को दुनिया भर से देश में आने वाले सभी वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और वीवीआईपी को अपनी संस्कृति और परंपरा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद करने सहायक होगी ।

कौन होते है स्‍मारक मित्र ?

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटन केन्‍द्रों पर विश्‍वस्‍तरीय सुविधाएं प्रदान करने के कार्य को प्राथमिकता में रखा है। इसके अन्‍तर्गत इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, जनसुविधाएं, बहुभाषा केन्‍द्र तथा कौशल विकास जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के मार्गदर्शन में शौचालय, पीने का पानी, बाल देखभाल कक्ष, बेंच, रास्ते, कचरा डिब्बे, साइनेज आदि जैसी पर्यटक सुविधाएं प्रदान करने और बनाए रखने की अनुमति है। इसके अलावा स्मारक परिसर की साफ-सफाई भी स्मारक मित्र द्वारा की जाती है। सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र और व्‍यक्तिगत स्‍तर पर भी इन स्‍थलों में सुविधाएं विकसित करने का कार्य किया जा सकता है। ऐसा करने वालों को ‘स्‍मारक मित्र’ के नाम से जाना जाएगा।

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