28/12/23 | 8:27 am

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डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को चुन रहा है भारत, देश में 33 करोड़ स्वास्थ्य अभिलेखों को ABHA खातों से जोड़ा गया

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) नागरिकों के स्वास्थ्य अभिलेखों (रिकॉर्ड) को उनके आभा (ABHA) संख्या से जोड़ने और डिजिटल बनाने की दिशा में लगातार प्रगति कर रहा है। इस प्रकार भारत डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को चुन रहा है। 

33 करोड़ से अधिक हेल्थ रिकॉर्ड

इस संबंध में बुधवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने जानकारी देते हुए बताया कि देश में 33 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य अभिलेखों को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा खातों) से जोड़ा जा चुका है। 

50 करोड़ लोगों के पास उनकी विशिष्ट स्वास्थ्य आईडी के रूप में ABHA नंबर

बताना चाहेंगे वर्तमान में 50 करोड़ व्यक्तियों के पास उनकी विशिष्ट स्वास्थ्य आईडी के रूप में ABHA नंबर है, जबकि 1.5 करोड़ मरीजों ने ABHA-आधारित तत्काल ओपीडी पंजीकरण सेवा का उपयोग किया है।

स्वास्थ्य सेवा वितरण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रहा भारत 

वहीं अब तक 50 लाख लोगों ने अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से प्रबंधित करने के लिए ABHA ऐप डाउनलोड किया है। 'ABHA' से अभिप्राय 'आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट' से है। ऐसे में कहा जा सकता है कि भारत आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के बढ़ते प्रभाव के साथ अपने स्वास्थ्य सेवा वितरण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रहा है।

देश के लिए एक व्यापक डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम का हो रहा निर्माण

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) अपनी प्रमुख योजना आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत देश के लिए एक व्यापक डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है। सितंबर 2021 में पूरे देश में अपनी शुरुआत के बाद से एबीडीएम ने 33 करोड़ से अधिक आभा संख्या बनाया जा चुका है। 

पुराने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटली कैसे रखें सुरक्षित ? 

पुराने स्वास्थ्य रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के लिए व्यक्ति अपने रिकॉर्ड को स्कैन करने और इसे सुरक्षित रखने के लिए आभा ऐप या किसी अन्य व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड ऐप का उपयोग कर सकते हैं। 

ABDM सभी हितधारकों को स्वास्थ्य क्षेत्र से डिजिटली जोड़ने की निभा रहा अहम जिम्मेदारी 

एबीडीएम अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र के सभी हितधारकों को डिजिटल राजमार्गों के माध्यम से जोड़ रहा है। मरीजों के लिए ABHA नंबर की तरह स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं का भी सत्यापन और पंजीकरण किया जा रहा है। 

एबीडीएम की हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (एचपीआर) में 2.6 लाख सत्यापित डॉक्टर और नर्स हैं, जबकि हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) में 2.26 लाख अस्पताल, क्लीनिक, लैब, फार्मेसी आदि पंजीकृत हैं।इसके अलावा, देश भर में 56,000 से अधिक अस्पताल एबीडीएम-सक्षम समाधानों का उपयोग करते हैं। एबीडीएम प्रगति पर अधिक आंकड़े https://dashboard.abdm.gov.in/abdm/ पर उपलब्ध हैं।

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