07/08/23 | 1:45 pm

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गति शक्ति ने ऐसे बढ़ाई है केंद्र की शक्ति

किसी भी सरकार को 'सुशासन हितेच्छु' तभी कहा जाता है, जब वह न केवल जनता के हित में योजनाएं बनाती है बल्कि उन पर कितना काम हुआ इसे भी मास्टर प्लान में रखती है। कुछ ऐसी ही घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में की थी। अपने संबोधन में उन्होंने गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान का उल्लेख किया था। सरकार के प्रत्येक मंत्रालय का काम आज इसी मास्टर प्लान के अनुरूप चल रहा है। पीएम मोदी के अनुसार यह जनता के हितेच्छु फैसलों में से एक रहा है। 

क्या है गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, यह एक राष्ट्रीय मास्टर प्लान है जो देश में समग्र बुनियादी ढांचे की नींव रखेगा। यह अर्थव्यवस्था के विकास के लिए एक एकीकृत और समग्र मार्ग भी प्रदान करेगा। 75वें स्वतंत्रता दिवस के भाषण में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि यह परियोजना भविष्य में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी। यह परियोजना अगले 25 वर्षों में भारत को विकास के स्वर्ण युग में ले जाएगी।

देश के किस क्षेत्र में करेगा बदलाव ?

दरअसल, ये गति शक्ति विभिन्न मंत्रालयों और राज्य सरकारों की बुनियादी ढांचा योजनाओं जैसे भारतमाला, सागरमाला, अंतर्देशीय जलमार्ग, शुष्क/भूमि बंदरगाह, उड़ान आदि को शामिल करती है। इसके अंतर्गत कपड़ा क्लस्टर, फार्मास्युटिकल क्लस्टर, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक पार्क, औद्योगिक गलियारे, मछली पकड़ने के क्लस्टर जैसे आर्थिक क्षेत्र कनेक्टिविटी में सुधार और भारतीय व्यवसायों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कृषि क्षेत्रों को कवर किया जाएगा इसके साथ ही देश के हर क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन और सफलताओं पर केंद्रित ये मास्टर प्लान वाकई बहुत लाभकारी होने जा रहा है। 

ये गति शक्ति मास्टर प्लान कैसे कर रहा काम?

गति शक्ति मास्टर प्लान 6 स्तंभों पर तैयार किया गया है। ये 6 स्तंभ निम्न प्रकार हैं: 

व्यापकता: इसमें एक केंद्रीकृत पोर्टल के साथ विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की सभी मौजूदा और नियोजित योजनाएं शामिल होंगी। प्रत्येक विभाग को अब व्यापक तरीके से परियोजनाओं की योजना और कार्यान्वयन के दौरान महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करते हुए एक-दूसरे की गतिविधियों की दृश्यता प्राप्त होगी।

प्राथमिकता: इसके माध्यम से, विभिन्न विभाग क्रॉस-सेक्टोरल इंटरैक्शन के माध्यम से अपनी परियोजनाओं को प्राथमिकता देने में सक्षम होंगे।

अनुकूलन: राष्ट्रीय मास्टर प्लान महत्वपूर्ण अंतराल की पहचान के बाद परियोजनाओं की योजना बनाने में विभिन्न मंत्रालयों की सहायता करेगा। यह योजना माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए समय और लागत के हिसाब से सबसे उपयुक्त मार्ग चुनने में मदद करेगी।

सिंक्रनाइज़ेशन: मंत्रालय और विभाग अक्सर स्फूर्ति से काम नहीं करते हैं। परियोजना की योजना और कार्यान्वयन में समन्वय की कमी के कारण देरी होती है। पीएम गति शक्ति प्रत्येक विभाग की गतिविधियों के साथ-साथ शासन की विभिन्न परतों को उनके बीच काम के समन्वय को सुनिश्चित करके समग्र तरीके से सिंक्रनाइज़ करने में मदद कर रही है जि ससे काम में तेजी बढ़ी है। 

विश्लेषणात्मक: योजना जीआईएस आधारित स्थानिक योजना और 200+ परतों वाले विश्लेषणात्मक उपकरणों के साथ एक ही स्थान पर संपूर्ण डेटा प्रदान करेगी, जिससे निष्पादन एजेंसी को बेहतर दृश्यता मिल सकेगी।

गतिशील: सभी मंत्रालय और विभाग अब जीआईएस प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्रॉस-सेक्टोरल परियोजनाओं की प्रगति की कल्पना, समीक्षा और निगरानी करने में सक्षम होंगे, क्योंकि उपग्रह इमेजरी समय-समय पर जमीनी प्रगति देगी और परियोजनाओं की प्रगति को अपडेट किया जाएगा। पोर्टल पर नियमित आधार पर। यह मास्टर प्लान को बढ़ाने और अद्यतन करने के लिए महत्वपूर्ण हस्तक्षेपों की पहचान करने में मदद करेगा।

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