बिहार मतदाता सूची पुनरीक्षण में अब तक 1.62 लाख आपत्तियां दर्ज : चुनाव आयोग

बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया जारी है। चुनाव आयोग (ECI) ने आज मंगलवार को बताया कि 1 अगस्त से शुरू हुए दावे और आपत्तियों के दौर में अब तक 1,62,453 आवेदन व्यक्तिगत मतदाताओं से प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 17,516 आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है। आयोग के मुताबिक दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 1 सितंबर है, यानी अब केवल पांच दिन बाकी हैं। इन आवेदनों में नए नाम जोड़ने के साथ-साथ पुराने नाम हटाने की मांग भी शामिल है।

आयोग ने बताया कि अब तक केवल सीपीआई(एमएल) लिबरेशन एकमात्र राजनीतिक दल है जिसने 10 आपत्तियां दर्ज कराई हैं। आयोग ने राजनीतिक दलों द्वारा सक्रिय भागीदारी की कमी पर चिंता जताई और याद दिलाया कि बार-बार अपील के बावजूद अन्य दलों ने इस प्रक्रिया में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। SIR की शुरुआत 24 जून को हुई थी और 1 अगस्त को ड्राफ्ट रोल प्रकाशित कर सभी 12 मान्यता प्राप्त दलों के साथ साझा किए गए थे।

चुनाव आयोग के अनुसार, 1 अगस्त से अब तक 4,33,214 नए युवा मतदाताओं, जिन्होंने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है, ने नाम शामिल करने के लिए आवेदन किया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में त्रुटिरहित नाम शामिल करना लोकतंत्र की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है। प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए सूची पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत बनाई जाती है।

आयोग ने बताया कि लगभग 1.6 लाख बूथ-लेवल एजेंट्स (BLA) को इस प्रक्रिया में भाग लेने का मौका दिया गया है। इनमें आरजेडी के 47,506, कांग्रेस के 17,549 और वामपंथी दलों के 2,000 से अधिक बीएलए शामिल हैं, जो मिलकर 67,000 से ज्यादा प्रतिनिधियों का हिस्सा बनते हैं। नियमों के अनुसार, किसी भी नाम को ड्राफ्ट सूची से तभी हटाया जा सकता है जब संबंधित निर्वाचन पदाधिकारी (ERO/AERO) द्वारा सात दिन का नोटिस जारी कर सुनवाई और जांच पूरी की जाए। जिन नामों को ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं किया गया है, उनकी सूची और कारण जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO), जिला मजिस्ट्रेट (DM) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की वेबसाइटों पर उपलब्ध कराई गई है।

ये सूची EPIC नंबर के माध्यम से सर्च की जा सकती है। जिन लोगों का नाम छूट गया है, वे आधार कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म 6 भरकर दावा कर सकते हैं। इसी तरह, यदि किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति है तो फॉर्म 7 भरकर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। नियमों के अनुसार, यहां तक कि किसी निर्वाचन क्षेत्र का गैर-मतदाता भी निर्धारित घोषणा या शपथ पत्र देकर आपत्ति दर्ज कर सकता है। -(IANS)