लिंक्डइन की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 83% भारतीय पेशेवर मानते हैं कि कार्यस्थल पर निर्णय लेने में मानवीय अंतर्ज्ञान और विश्वसनीय सहकर्मी कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई से अधिक महत्वपूर्ण हैं।
एआई में महारत जरूरी, लेकिन चुनौतीपूर्ण
शोध में पता चला कि 76% पेशेवरों ने कार्यस्थल पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी देखी है, जबकि 72% का मानना है कि करियर में अगला कदम उठाने के लिए एआई में दक्षता जरूरी है। हालांकि, 67% पेशेवर एआई को समझने की बढ़ती अपेक्षाओं से अभिभूत हैं, और 61% का कहना है कि वे इसकी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। चार में से तीन उत्तरदाताओं ने एआई में महारत हासिल करना दूसरी नौकरी जैसा बताया।
कंपनियों की अपेक्षाएं और कर्मचारियों का आशावाद
रिपोर्ट के अनुसार, 73% कंपनियां कर्मचारियों से एआई के उपयोग की उम्मीद रखती हैं और 64% अधिकारी प्रदर्शन समीक्षा या नियुक्ति में एआई दक्षता को शामिल करेंगे। इसके बावजूद, 78% पेशेवर आशावादी हैं कि एआई उनके दैनिक कार्य-जीवन को बेहतर बनाएगा।
एआई का उपयोग: लेखन में सहायक, निर्णय में नहीं
75% पेशेवर एआई को लेखन और प्रारूपण के लिए उपयोगी मानते हैं, लेकिन जटिल निर्णयों के लिए 76% सहकर्मियों और प्रबंधकों पर भरोसा करते हैं। 83% अधिकारी इस बात से सहमत हैं कि अच्छे व्यावसायिक निर्णय मानवीय अंतर्ज्ञान पर निर्भर करते हैं।
विशेषज्ञ की सलाह
लिंक्डइन की भारत वरिष्ठ प्रबंध संपादक नीरजिता बनर्जी ने कहा, “एआई एक शानदार सह-पायलट है, लेकिन यह मानवीय निर्णय की जगह नहीं ले सकता। यह विकल्प तैयार कर सकता है, लेकिन करियर आपके निर्णयों और रिश्तों पर निर्भर करता है। विश्वसनीय सहकर्मियों पर भरोसा करें और एआई का उपयोग समय बचाने के लिए करें।”
एआई सीखने में उत्साह
81% पेशेवरों ने एआई के साथ प्रयोग को सुखद पाया, इसे सीखने के अवसर के रूप में देखा। 79% मुफ्त संसाधनों से स्वयं सीख रहे हैं, 73% पाठ्यक्रमों के लिए स्वयं भुगतान कर रहे हैं, और 78% बेहतर उपकरणों की तलाश में हैं।
यह शोध दर्शाता है कि भारतीय पेशेवर एआई को अपनाने के लिए उत्साहित हैं, लेकिन मानवीय अंतर्ज्ञान और सहकर्मियों के सहयोग को अपूरणीय मानते हैं। (इनपुट-एजेंसी)


