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पीएम स्वनिधि योजना ने स्ट्रीट वेंडर्स को दिया सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया आधार : मनोहर लाल

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2020 में शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना, स्ट्रीट वेंडरों को सशक्त बनाने और देश में शहरी गरीबों की आजीविका को मजबूत करने वाली एक प्रमुख योजना के रूप में उभरी है। 

इस योजना के प्रभाव का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल स्ट्रीट वेंडरों को बिना गारंटी के लोन प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें गरिमा, आत्मविश्वास और वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक मान्यता के साथ जीवन में आगे बढ़ने के अवसर सुनिश्चित करना भी है।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्ट्रीट वेंडरों की कड़ी मेहनत, संघर्ष और योगदान को मान्यता देते हुए, शहरी गरीबों को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका को मजबूत करने की दृष्टि से 2020 में पीएम स्वनिधि योजना शुरू की।” उन्होंने आगे कहा, “इस योजना का उद्देश्य केवल बिना गारंटी के लोन उपलब्ध कराना ही नहीं था, बल्कि स्ट्रीट वेंडरों को गरिमा, आत्मविश्वास और आर्थिक सुरक्षा एवं सामाजिक मान्यता के साथ जीवन में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना भी था।”

मनोहर लाल ने बताया कि पिछले छह वर्षों में पीएम स्वनिधि योजना के तहत भारत भर में 75.5 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडरों को लाभ मिला है। उन्होंने आगे बताया कि इस योजना के तहत अब तक 1.12 करोड़ से अधिक बिना गारंटी वाले लोन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि देशभर में लाभार्थियों को 17,800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।

मंत्री ने कहा कि इस योजना ने लाखों स्ट्रीट वेंडरों को पहली बार औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे उन्हें औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनने और अधिक वित्तीय समावेशन और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करने में मदद मिली है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र का जिक्र करते हुए मनोहर लाल ने बताया कि स्ट्रीट वेंडरों को 2.59 लाख से अधिक लोन वितरित किए गए हैं, और इस योजना के तहत 430 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

त्रिपुरा के बारे में विशेष रूप से बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक 9,300 से अधिक लोन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि लाभार्थियों को लगभग 15 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से लाखों लोग पहली बार बैंकिंग प्रणाली से जुड़े हैं और औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन गए हैं, जिससे वित्तीय समावेशन और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त हुआ है।”

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2020 में कोविड-19 महामारी से प्रभावित स्ट्रीट वेंडरों को किफायती कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराने और शहरी क्षेत्रों में संचालित छोटे व्यवसायों को सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी।(इनपुट-आईएएनएस)

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