प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार क्षमता परिवर्तन योजना (पीएम-सेतु) के तहत गुजरात और आंध्र प्रदेश के नौ सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के उन्नयन के लिए 440 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी दी गई है। इसके लिए आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया), केंद्र सरकार और दोनों राज्य सरकारों के बीच शेयरधारक समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी के तहत गुजरात के सूरत में पांच और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में चार सरकारी आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण को बेहतर बनाना, युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना और देश के आईटीआई इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
केंद्र और राज्य सरकारों के साथ उद्योग की साझेदारी
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी), गुजरात सरकार, आंध्र प्रदेश सरकार और एएम/एनएस इंडिया के बीच हुए समझौतों से दोनों क्लस्टरों की स्वीकृत रणनीतिक निवेश योजनाओं के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हुआ है। इन समझौतों के तहत उद्योग भागीदार और सरकारें मिलकर आईटीआई के उन्नयन तथा संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके लिए विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) स्थापित किए जाएंगे, जिनमें एएम/एनएस इंडिया की 51% हिस्सेदारी होगी, जबकि केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों की हिस्सेदारी 24.5%-24.5% होगी।
आईटीआई को उत्कृष्टता के केंद्र बनाने पर जोर
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि शेयरधारक समझौतों पर हस्ताक्षर करना आईटीआई के परिवर्तन की शुरुआत है। उन्होंने हाल ही में शंघाई में आयोजित वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत के शीर्ष 10 देशों में स्थान हासिल करने का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम-सेतु के तहत संस्थानों को उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करना होगा। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, संस्थागत क्षमताओं और परिणामों में सुधार पर जोर दिया, ताकि देश के आईटीआई भविष्य के कौशल विशेषज्ञों और वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के लिए प्रतिभाशाली युवाओं को तैयार कर सकें।
एएम/एनएस इंडिया और एनएएमटेक मिलकर करेंगे प्रशिक्षण का आधुनिकीकरण
परियोजना को एएम/एनएस इंडिया अपने शैक्षणिक और तकनीकी साझेदार न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएएमटेक) के सहयोग से लागू करेगा। एएम/एनएस इंडिया विनिर्माण क्षेत्र में अपने अनुभव और उद्योग संबंधी विशेषज्ञता का योगदान देगा, जबकि एनएएमटेक पाठ्यक्रमों के विकास, प्रशिक्षण व्यवस्था में सुधार, प्रशिक्षकों की क्षमता निर्माण और शैक्षणिक नवाचार में सहयोग करेगा। इस साझेदारी का लक्ष्य प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
आधुनिक प्रयोगशालाओं और नए तकनीकी पाठ्यक्रमों पर ध्यान
योजना के तहत आईटीआई की प्रशिक्षण अवसंरचना, कार्यशालाओं और प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही नए दौर के तकनीकी व्यवसायों और उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करने, मौजूदा पाठ्यक्रमों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप उन्नत बनाने तथा प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को मजबूत करने पर काम होगा। प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण के अधिक अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इन उपायों से प्रशिक्षण की गुणवत्ता, युवाओं की रोजगार क्षमता और उद्योगों में काम करने की उनकी तैयारी बेहतर होने की उम्मीद है।
सूरत के लिए 240 करोड़ और विशाखापत्तनम के लिए 200 करोड़ रुपए
दोनों क्लस्टरों के लिए कुल 440 करोड़ रुपए का निवेश स्वीकृत किया गया है। इसमें सूरत क्लस्टर के पांच आईटीआई के उन्नयन के लिए 240 करोड़ रुपए और विशाखापत्तनम क्लस्टर के चार आईटीआई के लिए 200 करोड़ रुपए शामिल हैं। एएम/एनएस इंडिया के नेतृत्व वाली ये परियोजनाएं पीएम-सेतु के तहत स्वीकृत प्रमुख उद्योग प्रतिबद्धताओं में शामिल हैं। योजना की पहली 14 रणनीतिक निवेश योजनाओं के लिए कुल 3,446 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी दी गई है।
60,000 करोड़ रुपए की योजना से 1,000 आईटीआई का होगा उन्नयन
पीएम-सेतु केंद्र सरकार की प्रमुख कौशल विकास योजनाओं में शामिल है। इसका कुल परिव्यय 60,000 करोड़ रुपए है। योजना का उद्देश्य उद्योगों की भागीदारी बढ़ाकर और संस्थागत सुधारों के माध्यम से देश की व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाना है। इसके तहत देशभर के 1,000 सरकारी आईटीआई का उन्नयन और पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) को मजबूत करने की योजना है। उद्योगों के साथ साझेदारी के जरिए प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक बनाने और युवाओं को रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। (इनपुट: पीआईबी)


