पीएम विश्वकर्मा योजना की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि, 3 वर्षों के भीतर ही 30 लाख कारीगर पंजीकृत

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के शुभारंभ के तीन वर्षों के भीतर ही एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस योजना ने निर्धारित तीन चरणों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 लाख लाभार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। वहीं, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा लगभग 24.50 लाख विश्वकर्माओं को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।

इस योजना के ऋण घटक के तहत, 6.18 लाख विश्वकर्माओं को 5 प्रतिशत प्रति वर्ष की रियायती ब्याज दर पर एक लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया गया है, जिसकी कुल राशि 5,297 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, 18.15 लाख आधुनिक टूलकिट इंडिया पोस्ट के माध्यम से विश्वकर्माओं के घर तक पहुंचाए गए हैं, जिससे कारीगरों को बेहतर उपकरण अपनाने और अपने काम की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिली है।

पीएम मोदी ने 17 सितंबर 2023 को पीएम विश्वकर्मा योजना का किया था शुभारंभ

आपको बता दें, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 17 सितंबर 2023 को पीएम विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ किया था, जिसका उद्देश्य 18 चिन्हित व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को संपूर्ण सहायता प्रदान करना है। इस योजना का लक्ष्य विश्वकर्माओं को संस्थागत सहायता, आधुनिक उपकरण, वित्त तक पहुंच, कौशल उन्नयन और बाजार संपर्क प्रदान करके उनके पारंपरिक कौशल को मजबूत करना है, जिससे वे अपनी उत्पादकता, आय और उद्यमशीलता क्षमता को बढ़ा सकें। इस योजना में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा प्रमाणपत्रों और पहचान पत्रों के माध्यम से मान्यता, कौशल उन्नयन, टूलकिट प्रोत्साहन, ऋण सहायता, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन और विपणन सहायता सहित व्यापक सहायता पैकेज प्रदान किया गया है।

पश्चिम बंगाल में पीएम विश्वकर्मा

वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार ने मई 2026 में इस योजना को लागू करने का निर्णय लिया। तीन चरणों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद पहले ही 3,000 लाभार्थी सफलतापूर्वक पंजीकृत हो चुके हैं। पंजीकृत लाभार्थियों को वर्तमान में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ 17 सितंबर, 2026 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित धोणो धान्यो सभागार में मनाई जाएगी। यह आयोजन इस योजना के कार्यान्वयन के तीन वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। इसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को व्यापक और संपूर्ण सहायता प्रदान करना तथा उनकी आजीविका एवं उद्यमशीलता क्षमताओं को मजबूत करना है।

कोलकाता में आयोजित होने वाले तीसरे वर्षगांठ समारोह में लाभार्थियों को पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र, बुनियादी कौशल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, ऋण प्रमाण पत्र और टूलकिट वितरित किए जाएंगे। यह आयोजन विश्वकर्माओं की उपलब्धियों को पहचानने और उनका जश्न मनाने का अवसर प्रदान करेगा और जमीनी स्तर पर योजना के प्रभाव को उजागर करेगा।

इन समारोहों में कारीगरों और शिल्पकारों के पारंपरिक कौशल, उत्पादों और उद्यमशीलता की क्षमता का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिससे उन्हें व्यापक बाजारों और अवसरों से जुड़ने के लिए एक मंच मिलेगा।