देश के अग्रणी वैज्ञानिकों में शुमार और एम्स, नई दिल्ली के संस्थापक संकाय सदस्यों में से एक प्रो. जी.पी. तलवार के 100वें जन्मवर्ष के अवसर पर एम्स में विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर देश-विदेश के वैज्ञानिकों, उनके पूर्व छात्रों और संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रो. तलवार के छह दशक से अधिक लंबे वैज्ञानिक योगदान को याद किया।
एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया
समारोह में प्रो. तलवार के जीवन, शोध उपलब्धियों और वैज्ञानिक विरासत पर आधारित एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। पुस्तक में दुनिया भर के वैज्ञानिकों और उनके शिष्यों के संदेशों को शामिल किया गया है।
उन्होंने परिवार नियोजन के लिए वैक्सीन विकसित करने की दिशा में भी अग्रणी शोध किया, जिसे प्रजनन स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अभिनव प्रयास माना गया।
दिल्ली में NII की स्थापना में भी अहम योगदान
संस्थान निर्माण और वैज्ञानिकों की नई पीढ़ी तैयार करने में भूमिका
प्रो. तलवार ने एम्स में विश्वस्तरीय बायोकैमिस्ट्री विभाग की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, उन्होंने दिल्ली में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी (NII) की स्थापना में भी अहम योगदान दिया।
वर्ष 1969 में उन्होंने एम्स में ICMR-WHO रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की, जिसने भारत को इम्यूनोलॉजी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण और शोध के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद की।
उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए अनेक वैज्ञानिक आज भारत और दुनिया के प्रमुख शोध संस्थानों तथा जैव-प्रौद्योगिकी उद्योगों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
सर्वोच्च सम्मान देने की मांग
समारोह में वक्ताओं ने प्रो. तलवार के वैज्ञानिक और मानवता के लिए योगदान को देखते हुए उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिए जाने की मांग भी उठाई। वक्ताओं ने यह भी बताया कि उन्हें अमेरिका और यूरोप के वैज्ञानिकों की ओर से कई बार नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया गया है।
भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित
प्रो. तलवार को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल ऑफिसियर दे ला लेजिओं द ऑनर से भी सम्मानित किया गया है।
समारोह के संयोजक और कॉफी टेबल बुक के संपादक डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन प्रो. तलवार के दुनियाभर में फैले पूर्व छात्रों और सहयोगियों के स्वैच्छिक योगदान से किया गया। उन्होंने प्रो. तलवार की पत्नी रक्षा तलवार के योगदान को भी रेखांकित किया। समापन अवसर पर एम्स की प्रोफेसर और मीडिया सलाहकार डॉ. रीमा दादा ने इस ऐतिहासिक अवसर को व्यापक रूप से सामने लाने के लिए मीडिया का आभार व्यक्त किया।


