पीएम-ओएनओएस योजना से 13,000 से अधिक शोध पत्रिकाओं तक पहुंच, आंध्र प्रदेश में 3.11 लाख विद्यार्थियों ने उठाया लाभ

केंद्र सरकार ने कहा है कि वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (पीएम-ओएनओएस) योजना के तहत देश के पात्र उच्च शिक्षण और अनुसंधान संस्थानों को 32 प्रकाशकों की 13,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं तक पहुंच उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के जरिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, कला और मानविकी सहित विभिन्न विषयों से जुड़े शोध संसाधन एक ही मंच पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

13,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं तक पहुंच

मंत्री ने बताया कि जनवरी 2025 में शुरू की गई पीएम-ओएनओएस योजना का उद्देश्य देशभर के पात्र उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) और अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण शोध सामग्री तक समान पहुंच उपलब्ध कराना है। योजना के तहत 32 प्रमुख प्रकाशकों की 13,000 से अधिक शोध पत्रिकाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

आंध्र प्रदेश में 3.11 लाख विद्यार्थियों ने किया उपयोग

सरकार के अनुसार, योजना को आंध्र प्रदेश में अच्छा प्रतिसाद मिला है। अब तक राज्य के लगभग 3.11 लाख विद्यार्थियों और 6,974 संकाय सदस्यों ने पीएम-ओएनओएस के माध्यम से शोध पत्रिकाओं का उपयोग किया है। इससे शोध, नवाचार और उच्च शिक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

68 पात्र संस्थान अभी योजना से बाहर

लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश में वर्तमान में 68 पात्र संस्थान ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक पीएम-ओएनओएस योजना के दायरे में शामिल नहीं किया गया है। इन संस्थानों का जिला-वार विवरण सरकार ने संबंधित अनुबंध में उपलब्ध कराया है।

जागरूकता बढ़ाने के लिए कई पहल

सरकार ने बताया कि सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क केंद्र (इन्फ्लिबनेट) के माध्यम से देशभर में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इसके तहत संस्थानों में विशेष व्याख्यान, वेबिनार और नोडल अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

ऑफलाइन कार्यक्रमों पर भी जोर

डिजिटल पहुंच सीमित होने वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के संस्थानों तक योजना पहुंचाने के लिए विश्वविद्यालयों के सहयोग से ऑफलाइन जागरूकता व्याख्यान भी आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, शोध पत्रिकाओं तक पहुंच और आर्टिकल प्रोसेसिंग चार्ज (एपीसी) से जुड़े विषयों पर नियमित वेबिनार आयोजित किए जा रहे हैं।

एफएक्यू के जरिए मिल रही लगातार सहायता

सरकार ने बताया कि उपयोगकर्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए योजना से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू) नियमित रूप से अपडेट किए जाते हैं, ताकि संस्थानों और शोधकर्ताओं के लिए पीएम-ओएनओएस का उपयोग अधिक आसान और प्रभावी बनाया जा सके। (इनपुट: पीआईबी)