BIRC सर्वे: खाड़ी की अस्थिरता के बीच विदेशी चावल खरीदार अब सीधे भारत का कर रहे रुख 

वैश्विक चावल व्यापार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस (BIRC) के एक सर्वे में सामने आया है कि विदेशी चावल खरीदार अब सीधे भारत आकर देश के प्रोडक्शन, मिलिंग, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट इकोसिस्टम तक पहुंच बनाना पसंद कर रहे हैं।

खाड़ी क्षेत्र की अस्थिरता ने प्रभावित किए फैसले

सर्वे के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती जियोपॉलिटिकल अस्थिरता कॉर्पोरेट यात्रा और सोर्सिंग के तरीकों पर सीधा असर डाल रही है। BIRC 2026 के लिए रजिस्टर्ड विदेशी खरीदारों में से करीब 37 प्रतिशत ने माना कि खाड़ी की अस्थिरता ने अंतरराष्ट्रीय ट्रेड इवेंट्स में भाग लेने के उनके फैसलों को प्रभावित किया है। यह कॉन्फ्रेंस 23 अक्टूबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू होने वाली है।

BIRC 2026 में 138 देशों के 3,317 खरीदार रजिस्टर्ड

30 अगस्त तक BIRC ने 138 देशों के 3,317 इंटरनेशनल खरीदारों का रजिस्ट्रेशन दर्ज किया है। बांग्लादेश 336 खरीदारों के साथ सबसे आगे है, उसके बाद बेनिन (179) और नाइजीरिया (177) का स्थान है। UAE से 145, नेपाल और फिलीपींस से 137-137, इथियोपिया से 127, सऊदी अरब से 125 तथा इंडोनेशिया और दक्षिण अफ्रीका से 109-109 खरीदारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

मल्टीपल सोर्सिंग पॉइंट्स की ओर रुझान

व्यापार की मौजूदा तस्वीर बताती है कि कंपनियां बाजार में आने वाली रुकावटों से निपटने के लिए प्रोडक्शन हब के करीब कई खास सोर्सिंग पॉइंट बना रही हैं। जहां दुबई में ‘गल्फूड’ जैसे प्लेटफॉर्म बड़े अंतरराष्ट्रीय एग्जीबिशन आयोजित करते रहते हैं, वहीं खास कमोडिटी मीटिंग्स व्यापार में सीधा संपर्क बनाने का बेहतर मौका देती हैं। भारतीय चावल व्यापार के लिए खरीदार और विक्रेता के बीच व्यवस्थित संबंध बनाने की क्षमता ग्लोबल मार्केट में बार-बार व्यापार के रिश्ते मजबूत करने का रास्ता खोलती है।

पारंपरिक मीटिंग पॉइंट्स पर दबाव

अंतरराष्ट्रीय ट्रेड नेटवर्क की कड़ी जांच-पड़ताल हो रही है क्योंकि लंबे समय से चले आ रहे जियोपॉलिटिकल जोखिम पारंपरिक क्षेत्रीय मीटिंग पॉइंट की परीक्षा ले रहे हैं। ईरान संघर्ष का असर फूड सेक्टर से आगे बढ़कर कमर्शियल यात्रा पर भी पड़ा है। जेपी मॉर्गन और पार्टनर्स ग्रुप जैसी कंपनियों ने इस साल की शुरुआत में UAE में होने वाली मीटिंग्स को दूसरी जगह शिफ्ट किया या रद्द कर दिया। एविएशन में रुकावटों के कारण मार्च में दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका ने UAE के लिए लेवल 3 की “यात्रा पर पुनर्विचार करें” एडवाइजरी जारी रखी है, जिसका कारण सशस्त्र संघर्ष, ड्रोन और मिसाइल का खतरा तथा उड़ान संबंधी दिक्कतें हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, तनाव बढ़ने के कारण UAE ने पिछले महीने के आखिर में ईरान के साथ व्यापार, कमर्शियल लेन-देन और वित्तीय लेनदेन रोक दिए थे।

जियोपॉलिटिकल जोखिम ने बदल दी सोर्सिंग की रणनीति

इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के वाइस-प्रेसिडेंट देव गर्ग ने कहा, “अब इंटरनेशनल खरीदारों के फैसले लेने की प्रक्रिया में जियोपॉलिटिकल रिस्क भी शामिल हो रहा है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे से यह पता नहीं चलता कि खरीदार सिर्फ खाड़ी क्षेत्र के हालात की वजह से BIRC में शामिल होते हैं, और न ही इसका मतलब यह है कि मौजूदा एग्जीबिशन प्लेटफॉर्म की जगह तुरंत कोई और ले लेगा। गर्ग ने आगे कहा, “सबसे अहम बात यह है कि बिजनेस अब शायद ऐसी कई जगहें चाहेंगे जहां वे सप्लायर्स से मिल सकें, बजाय इसके कि वे अपनी पूरी सोर्सिंग और नेटवर्किंग की योजना को सिर्फ एक ही इलाके तक सीमित रखें।” भारत अब वैश्विक चावल खरीदारों के लिए डायरेक्ट और विश्वसनीय सोर्सिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। (इनपुट-एजेंसी)

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