प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक सच्चे मित्र की पहचान कठिन समय में ही होती है। भारत और नामीबिया अपने स्वतंत्रता संग्राम के समय से एक दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। हमारी मित्रता राजनीति से नहीं, बल्कि संघर्ष, सहयोग और आपसी विश्वास से जन्मी है। साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और उज्जवल भविष्य के साझा सपनों ने इसे सींचा है। भविष्य में भी, हम एक दूसरे का हाथ थामे, विकास पथ पर साथ-साथ आगे बढ़ते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नामीबिया विश्व के सबसे बड़े डायमंड उत्पादकों में से है। और भारत की सबसे बड़ी डायमंड पॉलिशिंग इंडस्ट्री, वह भी मेरे होम स्टेट गुजरात में। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में हमारी साझेदारी भी इन्हीं हीरों की तरह जगमगाती रहेगी।
पीएम मोदी ने यह बातें बुधवार को कहीं जब उन्हें नामीबिया की राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह ने नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार – ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्विट्सचिया मिराबिलिस’ से सम्मानित किया। वह यह पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय नेता हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नामीबिया के सर्वोच्च राष्ट्रीय अवॉर्ड “The Order of the Most Ancient वेलविचिया मिराबिलिस” से सम्मानित किया जाना मेरे लिए अत्यंत गर्व और सम्मान की बात है। पुरस्कार स्वीकार करते हुए पीएम मोदी ने यह सम्मान 140 करोड़ भारतवासियों तथा भारत और नामीबिया के बीच ऐतिहासिक एवं स्थायी संबंधों को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने इस सम्मान के लिए राष्ट्रपति नंदी-नदैतवा और नामीबिया की जनता का ह्रदय से आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री को यह पुरस्कार प्रदान किया जाना भारत और नामीबिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह दोनों देशों के युवाओं के लिए इस विशेष द्विपक्षीय साझेदारी को और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने हेतु प्रेरणा का स्रोत है।
इस दौरान पीएम मोदी ने नामीबिया की राष्ट्रपति को लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य के लिए, नामीबिया के लोगों के सुख और समृद्धि के लिए, भारत और नामीबिया की अमिट मित्रता के लिए, शुभकामनाएं दीं।
वहीं, पांच देशों की सफल राजकीय यात्रा के बाद पीएम मोदी आज गुरुवार को भारत आ चुके हैं। प्रधानमंत्री की यात्रा के बाद अब इन देशों (घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया) के साथ भारत के संबन्धों की एक नई कहानी भी आरंभ हो गयी हैं।


