भारत-नेपाल सुप्रीम कोर्ट के बीच न्यायिक सहयोग बढ़ाने के लिए हुआ समझौता

भारत और नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने आज सोमवार को न्यायिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और नेपाल के मुख्य न्यायाधीश प्रकाश मान सिंह राउत की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच कानून और न्याय क्षेत्र में जानकारी साझा करना, न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों के बीच आपसी आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों और शैक्षणिक पहलों के माध्यम से सहयोग को मजबूत बनाना है। समझौते के तहत दोनों देशों की अदालतों में उपयोग होने वाली तकनीकों की जानकारी भी साझा की जाएगी, जिससे लंबित मामलों का शीघ्र निपटान, न्याय प्रक्रिया में तेजी और लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें।

इन उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) बनाया जाएगा, जो योजना निर्माण और क्रियान्वयन में सहयोग करेगा। यह समझौता भारत और नेपाल के बीच पुराने और घनिष्ठ संबंधों का प्रतीक है और उनके न्यायालयों के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करता है। भारत ने हाल के वर्षों में इजरायल, बांग्लादेश और भूटान जैसे देशों के साथ भी इसी प्रकार के न्यायिक सहयोग समझौते किए हैं। सितंबर 2023 में, तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने सिंगापुर के सुप्रीम कोर्ट के साथ भी ऐसा ही एक समझौता किया था।

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