साल 2025 खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के लिए गरीबों की खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय, डिजिटल सुधार, एथेनॉल नीति, राशन व्यवस्था में पारदर्शिता और आधुनिक भंडारण ढांचे के लिहाज से बेहद अहम रहा।
PMGKAY – 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देश के लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिलता रहा। कोविड काल में शुरू हुई यह योजना अब 1 जनवरी 2024 से अगले 5 साल तक बढ़ा दी गई है।
PMGKAY (फेज-I से VII) के तहत कुल 1118 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न बांटा गया और सरकार ने लगभग 3.91 लाख करोड़ रुपये खर्च किए।
2025-26 में 608 लाख टन से ज्यादा अनाज आवंटन
सरकार ने TPDS, PM POSHAN, ICDS, SAG, वेलफेयर हॉस्टल और आपदा-उत्सव जरूरतों सहित कुल 608.16 लाख टन खाद्यान्न आवंटित किया।
इसमें TPDS के लिए 554.99 LMT, अन्य योजनाओं के लिए 51.65 LMT और अतिरिक्त जरूरतों के लिए 1.52 LMT शामिल हैं।
राशन प्रणाली पूरी तरह डिजिटल
देश में 100% राशन कार्ड डिजिटाइज्ड, 99.9% आधार सीडिंग और 99.8% FPS पर e-POS मशीनें लग चुकी हैं।
98% से ज्यादा लेन-देन बायोमेट्रिक तरीके से हो रहा है।
ASHA – AI आधारित शिकायत समाधान प्लेटफॉर्म
AI आधारित ASHA प्लेटफॉर्म शुरू किया गया, जो WhatsApp, IVRS और Bhashini के जरिए राशन वितरण के बाद फीडबैक लेता है और शिकायतों का स्वत: निपटारा करता है।
वन नेशन वन राशन कार्ड
अब यह योजना देश के सभी 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में लागू है।
अब तक 195.9 करोड़ से ज्यादा पोर्टेबिलिटी ट्रांजैक्शन हुए हैं और 464.7 LMT अनाज वितरित किया गया।
2025 में ही 32.6 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए।
खाद्यान्न परिवहन
FCI ने 9527 रेल रेक, 63.69 LMT सड़क मार्ग, कंटेनराइज्ड रेक और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट से अनाज की आवाजाही की।
किसानों को MSP पर रिकॉर्ड खरीद
रबी 2025-26 में 300.35 LMT गेहूं,
खरीफ 2024-25 में 832.17 LMT धान खरीदा गया।
मोटे अनाज/मिलेट्स की खरीद भी लगातार बढ़ी।
जूट बैग, गेहूं स्टॉक लिमिट और सब्सिडी
2025-26 में 20.95 लाख जूट बेल आवंटित की गईं।
सरकार ने गेहूं स्टॉक लिमिट लगाई ताकि जमाखोरी रोकी जा सके।
2025-26 में 1.36 लाख करोड़ से ज्यादा फूड सब्सिडी जारी की गई।
भारत आटा और भारत चावल
OMSS के तहत भारत आटा और भारत चावल की बिक्री जारी रही।
लाखों टन अनाज आम लोगों को रियायती दर पर उपलब्ध कराया गया।
e-NWR आधारित किसान ऋण गारंटी योजना
₹1000 करोड़ के कोष के साथ किसानों को गोदाम में रखे अनाज के बदले सस्ता ऋण देने की योजना शुरू की गई।
अब तक 40 बैंक जुड़े और ₹22.88 करोड़ की गारंटी जारी हुई।
अन्न चक्र – रूट ऑप्टिमाइजेशन
राशन सप्लाई चेन में IIT दिल्ली और WFP की मदद से रूट ऑप्टिमाइजेशन लागू किया गया जिससे राज्यों को हर साल लगभग ₹250 करोड़ की बचत और CO₂ उत्सर्जन में बड़ी कमी आई।
स्टील साइलो और डिजिटल गोदाम निगरानी
PPP मोड में बड़े पैमाने पर स्टील साइलो बनाए जा रहे हैं।
Depot Darpan Portal और Bhandaran 360 ERP से गोदामों की डिजिटल निगरानी शुरू हुई।
चीनी उद्योग और एथेनॉल
देश में 534 चीनी मिलें सक्रिय रहीं।
98% गन्ना बकाया चुकाया गया।
एथेनॉल मिश्रण 2024-25 में 19.24% तक पहुंचा और लक्ष्य है 2025-26 में 20%।
पिछले 10 वर्षों में एथेनॉल से चीनी मिलों को ₹1.29 लाख करोड़ से ज्यादा की आय हुई।
राज्यवार खाद्य सब्सिडी जारी करने का विवरण
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने DCP राज्यों और DBT के तहत 2024-25 और 2025-26 में राज्यों को बड़ी मात्रा में खाद्य सब्सिडी जारी की है।
(राशि: करोड़ रुपये में)
| राज्य | 2024-25 | 2025-26 (31 अक्टूबर 2025 तक) |
|---|---|---|
| बिहार | 9,725.40 | 7,393.98 |
| पंजाब | 2,572.72 | 1,816.19 |
| मध्य प्रदेश | 10,189.04 | 7,079.00 |
| आंध्र प्रदेश | 8,398.98 | 4,702.22 |
| तेलंगाना | 4,178.27 | 2,822.66 |
| उत्तर प्रदेश | 9.09 | 119.92 |
| पश्चिम बंगाल | 8,899.88 | 9,352.14 |
| छत्तीसगढ़ | 5,695.55 | 1,958.15 |
| उत्तराखंड | 1,159.26 | 80.75 |
| तमिलनाडु | 6,033.90 | 5,620.42 |
| ओडिशा | 9,948.83 | 6,140.07 |
| कर्नाटक | 1,281.18 | 935.79 |
| केरल | 1,062.36 | 471.23 |
| महाराष्ट्र | 327.74 | 1,458.49 |
| झारखंड | 502.99 | 233.76 |
| DBT (यूटी) | 221.95 | 197.54 |
| कुल | 70,410.60 | 50,391.67 |
नोट:
असम दो जिलों में DCP राज्य है।
झारखंड आंशिक DCP रहा है।
DBT के तहत चंडीगढ़, पुदुचेरी और दादरा-नगर हवेली शामिल हैं।
2025 खाद्य सुरक्षा, डिजिटल राशन प्रणाली, किसान कल्याण, एथेनॉल नीति, आधुनिक भंडारण और पारदर्शी वितरण के लिहाज से एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी साल साबित हुआ।


