भारतीय वायुसेना के अगले प्रमुख नियुक्त किए गए एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। वायुसेना प्रमुख के रूप में उनकी नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा के बाद हुई इस मुलाकात में रक्षा मंत्री ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी और आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। एयर मार्शल दीक्षित वर्तमान में वायुसेना के उपप्रमुख हैं और 31 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना के प्रमुख का पद संभालेंगे।
31 अक्टूबर को संभालेंगे वायुसेना प्रमुख की जिम्मेदारी
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख होंगे। वह मौजूदा वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का स्थान लेंगे, जो 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होंगे। केंद्र सरकार ने एयर मार्शल दीक्षित को भारतीय वायुसेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया है।
चार दशक का सैन्य अनुभव
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को करीब चार दशक का सैन्य अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान वह विभिन्न अभियानों और सैन्य अभ्यासों में शामिल रहे हैं। इनमें ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर प्रमुख हैं। वायुसेना उपप्रमुख बनने से पहले वह एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख और केंद्रीय वायु कमान के वायु अधिकारी कमांडिंग-इन-चीफ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
लड़ाकू विमानों के संचालन का व्यापक अनुभव
एयर मार्शल दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की लड़ाकू शाखा में कमीशन मिला था। वह अनुभवी लड़ाकू विमान पायलट हैं और उन्होंने मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करण, एचपीटी-32, एएन-32, एवरो, किरण, जगुआर, आईएल-78, हॉक और तेजस सहित कई प्रकार के विमानों का संचालन किया है। वह एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी हैं।
संचालन और प्रशिक्षण में भी निभाई अहम जिम्मेदारियां
एयर मार्शल दीक्षित के पास संचालन, प्रशिक्षण और उच्च स्तर के सैन्य नेतृत्व का व्यापक अनुभव है। विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने वायुसेना की परिचालन क्षमताओं और प्रशिक्षण से जुड़े क्षेत्रों में जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब भारतीय वायुसेना अपनी युद्धक क्षमता को मजबूत करने के साथ आधुनिक तकनीक, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयारी पर जोर दे रही है।
नई जिम्मेदारी में कई प्राथमिकताएं होंगी सामने
वायुसेना प्रमुख के रूप में एयर मार्शल दीक्षित के सामने भारतीय वायुसेना को बदलती सुरक्षा परिस्थितियों के अनुरूप आगे ले जाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। आधुनिक युद्ध तकनीक, स्वदेशीकरण, परिचालन क्षमता और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारियों को लेकर वायुसेना की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाना उनके कार्यकाल के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल रहेगा। (इनपुट: आईएएनएस)


